अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल)
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अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से विभिन्न देशों के खिलाफ लगाए गए टैरिफ की वैधता को लेकर चल रहे विवाद के मामले में एक बार फिर फैसला टाल दिया है। इससे टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे पहले 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में अपना फैसला देने की उम्मीद थी। लेकिन, उस दिन भी कोर्ट ने फैसला टाल दिया था।
अहम फैसले पर नहीं हुई सुनवाई
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन फैसले सुनाए, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ की वैधता को लेकर चल रहे अहम विवाद पर कोई फैसला नहीं सुनाया। अदालत ने फैसले सुनाने की अगली तारीख की घोषणा नहीं की। वह पहले से यह भी नहीं बताती कि किसी विशेष तारीख को कौन से फैसले सुनाए जाएंगे। 5 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान, रूढ़िवादी और उदारवादी न्यायाधीशों ने टैरिफ की वैधता पर संदेह जताया, जिसे ट्रंप ने 1977 के एक कानून का हवाला देकर लागू किया था, जो राष्ट्रीय आपात स्थितियों के दौरान उपयोग के लिए बनाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसला का अंतरराष्ट्रीय पर इंतजार है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी व्यापार नीति को नया रूप दे सकता है, जिसमें प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर शुल्क लगाना और वैश्विक व्यापार को बाधित करना शामिल है। कोर्ट को निर्णय घरेलू स्तर पर, यह भी निर्धारित करेगा कि राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां अर्थव्यवस्था में कितनी दूर तक विस्तारित हो सकती हैं। ट्रंप ने सरकार ने पारस्परिक टैरिफ के ढांचे के तहत पिछले साल भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। भारतीय सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया गया है, जिसमें रूस से तेल आयात करने पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ शामिल है।