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Sudan: सत्ता के लिए एक-दूसरे का खून बहा रहीं सूडान की दो सेनाएं, आखिर क्या है इस झड़प की वजह?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 18 Apr 2023 05:51 PM IST

सार

अफ्रीकी देश सूडान इन दिनों हिंसा की चपेट में जकड़ा हुआ है। यहां की राजधानी खार्तूम में सेना और देश के ताकतवर अर्धसैनिक बल, रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच भयंकर लड़ाई छिड़ी हुई है। शनिवार से शुरू हुई हिंसक झड़प मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। 
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सूडान - फोटो : AMAR UJALA
सूडान में अर्धसैनिकों और सशस्त्र बलों के बीच जारी हिंसक झड़प थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार चौथे दिन यह झड़प जारी रही। झड़प में मरने वालों की संख्या बढ़कर 185 तक पहुंच गई है। इस बीच, यूरोपीय संघ के राजदूत और अमेरिकी राजनयिकों पर भी हमला किया गया। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने घटना को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। इससे पहले, शनिवार को खार्तूम में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए सभी नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए कहा था।
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सूडान - फोटो : AMAR UJALA
सूडान में अर्धसैनिकों और सशस्त्र बलों के बीच जारी हिंसक झड़प थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार चौथे दिन यह झड़प जारी रही। झड़प में मरने वालों की संख्या बढ़कर 185 तक पहुंच गई है। इस बीच, यूरोपीय संघ के राजदूत और अमेरिकी राजनयिकों पर भी हमला किया गया। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने घटना को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। इससे पहले, शनिवार को खार्तूम में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए सभी नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए कहा था।

सूडान - फोटो : AMAR UJALA
सूडान में क्या हो रहा है? 
अफ्रीकी देश सूडान इन दिनों हिंसा की चपेट में जकड़ा हुआ है। यहां की राजधानी खार्तूम में सेना और देश के ताकतवर अर्धसैनिक बल, रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच भयंकर लड़ाई छिड़ी हुई है। शनिवार से शुरू हुई हिंसक झड़प मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, इस झड़प में अब तक कुल 185 लोग मारे जा चुके हैं जबकि घायलों की संख्या 1800 है।

Sudan - फोटो : Social Media
हिंसा शुरू कैसे हुई और उसके बाद क्या हुआ?
शनिवार, 15 अप्रैल: देश में ताजा हिंसा की शुरुआत शनिवार को हुई जब राजधानी खार्तूम में विस्फोट और गोलाबारी हुई। अर्धसैनिक बलों और सेना ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमला करने के आरोप-प्रत्यारोप लगाए। अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने दावा किया कि उसने हवाई अड्डे का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इससे पहले उसने कहा था कि खार्तूम के दक्षिण में उसके एक शिविर पर हमला किया गया है। वहीं, सेना ने कहा कि आरएसएफ लड़ाकों ने सैन्य मुख्यालय पर कब्जा करने की कोशिश की।
 
आरएसएफ ने सेना के कई ठिकानों पर किया हमला: सेना
सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नबील अब्दल्लाह ने कहा, 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के लड़ाकों ने खार्तूम और  आसपास की अन्य जगहों पर सेना के कई शिविरों पर हमला किया। रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने भी प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि उत्तरी शहर मेरोव में गोलीबारी हुई। आरएसएफ की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि खार्तूम हवाई अड्डे पर नियंत्रण का दावा करने के बाद उसने राजधानी खार्तूम में राष्ट्रपति भवन को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया है। हालांकि, सेना ने इन दावों का खंडन किया। 

इन्हीं झड़पों के बीच, शनिवार को ही हिंसाग्रस्त सूडान की राजधानी खार्तूम में एक भारतीय की मौत हो गई। खार्तूम में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि अल्बर्ट ऑगस्टाइन नाम का व्यक्ति जो सूडान में डल ग्रुप के साथ काम कर रहा था, उसकी गोली लगने से मौत हो गई। 

रविवार, 16 अप्रैल: सूडानी सेना और अर्धसैनिक समूह के बीच देश में नियंत्रण के लिए दूसरे दिन रविवार को संघर्ष देखने को मिला। राजधानी खार्तूम  सटे शहरों और पूरे देश में रविवार को बख्तरबंद वाहनों, ट्रक पर लगी मशीनगनों और युद्धक विमानों से भयंकर लड़ाई हुई। सूडान डॉक्टर्स सिंडिकेट ने कहा कि रविवार को कम से कम पांच नागरिक मारे गए और 78 घायल हो गए। 

सोमवार, 17 अप्रैल: सोमवार सुबह राजधानी के दक्षिणी हिस्से में तोप से एक अस्पताल पर हमला किया गया जिससे एक बार फिर आतंक और दहशत की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, इससे किसी भी मरीज या अस्पताल के कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
खार्तूम के लोगों ने बताया कि सुबह की नामाज के बाद से ही झड़प तेज हो गई थी। पूरी रात गोली और विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं। सोमवार को ही यूरोपीय संघ के राजदूत ऐडन ओ'हारा पर उनके घर में हमला किया गया। वहीं, उन्होंने इस हमले को राजनयिकों की सुरक्षा के दायित्वों का घोर उल्लंघन बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजदूत को कितनी चोटें आई हैं इसका विवरण उन्होंने नहीं दिया है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस - फोटो : सोशल मीडिया
हिंसा का प्रभाव क्या पड़ रहा है?
हिंसा के कारण राजधानी समेत देशभर में आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। विमानन कंपनी सौदिया ने कहा कि उसने अगली सूचना तक सूडान से आने और जाने वाली उड़ानों को निलंबित कर दिया है। शनिवार को संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम में तीन कर्मचारियों की मौत के बाद संयुक्त राष्ट्र ने सभी कार्यों पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की कार्यकारी निदेशक सिंडी मैक्केन ने रविवार को कहा कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सूडान में फिलहाल सभी ऑपरेशन लंबित रहेंगे। 

इस बीच, हिंसा समाप्त करने के लिए सूडान पर कूटनीतिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री, संयुक्त राष्ट्र महासचिव, यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख, अरब लीग के प्रमुख और अफ्रीकी संघ आयोग के प्रमुख सहित शीर्ष राजनयिकों ने दोनों पक्षों से लड़ाई बंद करने का आहृवान किया।

आखिर झड़प की वजह क्या है?
हालिया हिंसक घटनाओं की जड़ें तीन साल पहले हुआ तख्तापलट से जुड़ी हैं। दरअसल, अप्रैल 2019 में एक विद्रोह के बीच सैन्य जनरलों द्वारा लंबे समय से शासन कर रहे निरंकुश शासक उमर अल-बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से वह एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है। सेना और आरएसएफ प्रतिद्वंद्विता राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के शासन के समय से चली आ रही है। ताजा झड़प की वजह ये है कि सूडान की सेना का मानना है कि आरएसएफ, अर्द्धसैनिकल बल के तहत आती है और उसे सेना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : ANI
भारत ने सूडान हिंसा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बयान में कहा कि खार्तूम में हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं एक भारतीय की मौत पर जयशंकर ने कहा कि वे इसे लेकर काफी दुखी हैं और दूतावास परिवार को सारी मदद मुहैया कराने की कोशिश में है। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि वह भारतीय नागरिक की मौत से आहत हैं। भारतीय दूतावास आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पीड़ित परिवार और चिकित्सा विभाग के संपर्क में है। 

वहीं, खार्तूम में बड़े पैमाने पर हिंसा के बाद भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और घर के अंदर रहने की सलाह दी। शनिवार को एक ट्वीट में, मिशन ने भारतीयों से शांत रहने और अपडेट की प्रतीक्षा करने का भी आग्रह किया।
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