सूडान में एक संदिग्ध ड्रोन हमले में कम से कम 20 कैदियों की मौत हो गई और 50 घायल हुए। यह हमला अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने किया। उत्तर कोर्दोफ़ान की राजधानी उबेद में बनी मुख्य जेल पर हुए इस हमले के बारे में सूचना मंत्री खालिद अलेइसर ने जानकारी दी। खालिद ने इस हमले की निंदा करते हुए RSF को अशांति फैलाने का दोषी ठहराया है। बता दें कि RSF ने हाल ही में सूडान के सैन्य नियंत्रित क्षेत्रों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।
दो साल से अधिक समय से टकराव, एयरपोर्ट से लेकर बंदरगाह तक प्रभावित
गौरतलब है कि उत्तरी अफ्रीकी देश सूडान में 15 अप्रैल 2023 से सैन्य बलों और RSF के बीच गृहयुद्ध चल रहा है। टकराव के कारण खार्तूम सहित देश के कई हिस्से तबाह हो चुके हैं। RSF ने इससे पहले पोर्ट सूडान पर भी कई दिनों तक ड्रोन हमला किया था। अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के हमलों में हवाई अड्डे, समुद्री बंदरगाह और ईंधन भंडारण केंद्र प्रभावित हुए।
सूडानी सेना की कार्रवाई में RSF के लड़ाकों की मौत
अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के आक्रामक रुख को देखते हुए देश की सेना ने RSF के खिलाफ कार्रवाई भी की है, लेकिन टकराव थमने के संकेत नहीं मिल रहे। इससे पहले आई एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक RSF के लड़ाकों से निपटने के लिए सेना ने दक्षिण दारफुर के न्याला हवाई अड्डे पर हमला किया था। यहीं से RSF को विदेशी सैन्य सहायता मिलती है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हमले में दर्जनों RSF अधिकारी मारे गए थे।
आम नागरिकों पर आरएसएफ के हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत
सेना की कार्रवाई से तिलमिलाए RSF ने पश्चिमी दारफुर में विस्थापितों के एक शिविर पर तोपों से हमला किया था। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वाले लोगों में एक परिवार के आठ बच्चे, उनके माता-पिता और दादी शामिल थीं। पिछले महीने RSF ने हाल ही में सबसे बड़े विस्थापित शिविर जमजम पर भी हमला किया। इसमें 400 से अधिक लोगों की हत्या के बाद शिविर पर कब्जा कर लिया गया।
अब तक 24 हजार से अधिक लोगों की मौत, एक करोड़ से अधिक विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 24,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 1.3 करोड़ लोग अपने घर छोड़ कर विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर अत्याचार, जातीय हिंसा जैसी खबरें भी सामने आई हैं।