सूडान में दो साल से चल रही गृहयुद्ध के बाद पहली बार देश को नया प्रधानमंत्री मिला है। सोमवार को सेना प्रमुख जनरल अब्देल-फतह अल-बुरहान ने कामिल अल-तायब इदरीस को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
कामिल इदरीस अब देश में अस्थायी सरकार बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में सेना ने राजधानी खार्तूम पर दोबारा नियंत्रण पा लिया और प्रतिद्वंदी अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेस' (आरएसएफ) को बाहर कर दिया।
पिछली सरकार से देश को नई उम्मीद
बता दें कि पिछले प्रधानमंत्री अब्दल्ला हमदोक ने 2022 में राजनीतिक संकट और जन आंदोलन के बीच इस्तीफा दे दिया था। मामले में राजनीतिक विश्लेषक उस्मान मिर्घानी के मुताबिक कामिल इदरीस की नियुक्ति एक अहम कदम है जिससे देश में नागरिक सरकार की बहाली की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कामिल इदरीस की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उनकी किसी राजनीतिक दल से कोई जुड़ाव नहीं है। इसलिए उन्हें RSF समर्थकों सहित कई समुदायों की स्वीकृति मिल सकती है।
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कौन हैं कामिल इदरीस?
ध्यान रहे कि कामिल इदरीस पहले सूडान के संयुक्त राष्ट्र मिशन में कानूनी सलाहकार रह चुके हैं। वह संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग के सदस्य भी हैं। अब देश और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इदरीस देश को शांति और स्थिरता की ओर ले जा पाएंगे।
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सूडान में गृहयुद्ध, जनता में भुखमरी
गौरतलब है कि सूडान में अप्रैल 2023 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था, जब सेना और आरएसएफ सत्ता के लिए आपस में भिड़ गए। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई। अब तक करीब 20,000 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन असल आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। इतना ही नहीं अभीतक लगभग 1.3 करोड़ लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जिनमें से 40 लाख लोग दूसरे देशों में शरण ले चुके हैं। देश की आधी आबादी (लगभग 5 करोड़ में से) भुखमरी का सामना कर रही है।