सूडान पर नियंत्रण को लेकर देश की सेना तथा एक शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के बीच सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी संघर्ष जारी रहा। इस संघर्ष में अब तक 180 आम लोग मारे जा चुके हैं। सोमवार को राजधानी खारतूम और इसके निकटवर्ती शहर ओमडर्मन में हवाई हमले और गोलाबारी तेज हो गई है। इस बीच, ताजा परामर्श में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों को घरों से बाहर न निकलने और शांत रहने को कहा है।
भारतीय मिशन ने चेतावनी दी कि सभी भारतीय अत्यधिक सावधानी बरतें, क्योंकि हालात काबू में नहीं हैं, इसलिए अपडेट जानकारी की प्रतीक्षा करें। भारतीय विदेश मंत्रालय ने खारतूम मेें गोली लगने से घायल एक भारतीय की मौत पर दुख जताया है। उधर, खारतूम और ओमडर्मन में लोगों ने घरों की बिजली गुल होने पर लूटपाट को अंजाम दिया।
इससे पहले लोकतंत्र समर्थक समूह ‘सूडान डॉक्टर्स सिंडिकेट’ ने सोमवार को 97 मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संघर्ष में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। देश की सेना और उसके पूर्व साझेदार एवं अब प्रतिद्वंद्वी ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स समूह’ (आरएसएफ) के बीच महीनों के तनाव के बाद यह संघर्ष हुआ है। अब्दुल फतह अल बुरहान के नेतृत्व वाली सेना ने एक बयान में आरएसएफ के साथ वार्ता से इन्कार करते हुए इसे भंग करने की बात कही और इसे ‘बागी मिलिशिया’ करार दिया है। वहीं, अर्द्धसैनिक समूह ‘आरएसएफ’ ने सशस्त्र बलों के प्रमुख को ‘अपराधी’ बताया है। दोनों पक्षों ने मानवीय आधार पर 3 घंटे संघर्ष रोकने पर सहमति जताई थी, लेकिन हिंसा नहीं रुकी।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की कार्यकारी निदेशक सिंडी मैक्केन ने कहा है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सूडान में फिलहाल सभी ऑपरेशन लंबित रहेंगे। उन्होंने कहा- "डब्ल्यूएफपी गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे सूडानी लोगों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर यहां हमारी टीमों की सुरक्षा की गारंटी नहीं है तो हम यहां कार्य नहीं कर सकते हैं। सभी पक्षों को एक समझौता पर आना होगा, जो मानवीय कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।"
तीन मई को केरल आने वाले थे अल्बर्ट
कन्नूर। दो दिन पूर्व सूडान की राजधानी खारतूम में गोली लगने से मारे गए भारतीय नागरिक केरल निवासी अल्बर्ट यहां दाल समूह की एक कंपनी में काम करते थे। वह मई में कुछ दिन के लिए भारत में अपने घर आने वाले थे लेकिन इससे पहले ही यह त्रासदी हो गई। सेवा निवृत्त सैनिक अल्बर्ट ऑगस्टाइन ने अपनी पत्नी और बेटी को कुछ हफ्ते पहले ईस्टर मनाने के लिए सूडान बुलाया था और 3 मई को उनके साथ भारत लौटने के लिए टिकट बुक कराया था।
अवशेष लाने की कोशिश...भारत सरकार अल्बर्ट के अवशेष देश वापस लाने के प्रयास कर रही है। भारतीयों के लिए सूडान में नियंत्रण कक्ष स्थापित विदेश मंत्रालय ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया। मंत्रालय ने इसके लिए 1800-11-8797 (टोल फ्री), +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, मोबाइल +91-9968291988 और ईमेल situationroom@mea.gov.in जारी किए हैं।