अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय-अमेरिकी और ओपन एआई व्हिसलब्लोअर सुचिर बालाजी की मौत को लेकर उनकी मां पूर्णिमा राव लगातार सवाल उठा रही है। पूर्णिमा राव ने ओपनएआई कंपनी पर गंभीर आरोप लगाया है। बालाजी की मां ने एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके बेटे की हत्या इसलिए कराई ताकि कुछ ऐसा छिपाया जा सके जो वे नहीं चाहते कि कोई जाने। उन्होंने दावा किया कि सुचिर के पास कंपनी के खिलाफ जानकारी वाले कई दस्तावेज हैं। इस साक्षात्कार को एक्स पर साझा करते हुए टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने लिखा कि यह बेहद चिंताजनक है।
26 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी और ओपन एआई व्हिसलब्लोअर सुचिर बालाजी का शव सैन फ्रांसिस्को में उनके अपार्टमेंट में पाया गया था। सैन फ्रांसिस्को के मुख्य चिकित्सा परीक्षक कार्यालय ने उनकी मृत्यु का कारण आत्महत्या बताया था। इस पर सुचिर बालाजी की मां ने सवाल उठाए। बालाजी की मां ने कहा कि सुचिर ने अपनी मौत से एक दिन पहले अपना जन्मदिन मनाया था। वह खुशमिजाज था।
उन्होंने कहा कि मेरे बेटे के पास ओपनएआई के खिलाफ दस्तावेज थे। इसलिए कंपनी ने उस पर हमला किया और उसे मार डाला। उसकी मौत के बाद कुछ दस्तावेज गायब थे। जिसमें एआई दिग्गज के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि हर किसी को दबाया जा रहा है। कोई भी सामने आकर सच बताने को तैयार नहीं है। यहां तक कि वकीलों को भी यह कहने पर मजबूर किया गया है कि यह आत्महत्या है।
बालाजी की मां ने ओपनएआई और जांच कर रहे अधिकारियों पर गड़बड़ी करने और उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मौत का कारण पता लगाने और मुझे यह बताने में 14 मिनट से अधिक समय लगा कि यह आत्महत्या थी। उन्होंने पुलिस पर जानकारी छिपाने और बेईमानी करने का भी आरोप लगाया।
इससे पहले बालाजी की मां पूर्णिमा राव और पिता राममूर्ति राव ने एक्स पर लिखा था कि बेटे की मौत की परिस्थिति आत्महत्या जैसी नहीं लगती हैं। हमने निजी जांचकर्ता से जांच कराई। शव के दूसरे पोस्टमार्टम में भी सामने आया है कि उसके सिर पर चोट सहित संघर्ष के संकेत मिले हैं। सुचिर के अपार्टमेंट में तोड़फोड़ की गई थी। बाथरूम में संघर्ष के निशान थे और खून के धब्बों को देखकर ऐसा लग रहा था कि किसी ने उसे बाथरूम में मारा था। यह एक निर्दयी हत्या है। हम एफबीआई जांच की मांग करते हैं।
कौन थे सुचिर बालाजी?
सुचिर बालाजी ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और OpenAI और Scale AI में इंटर्नशिप की। 2020 में वे OpenAI में शामिल हुए, जहां पहले से ही कई बर्कले स्नातक काम कर रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार बालाजी ने 2022 की शुरुआत में एक नए प्रोजेक्ट GPT-4 के लिए डेटा संग्रह करना शुरू किया और इंटरनेट पर उपलब्ध सभी अंग्रेजी-भाषा के पाठ का महीनों तक विश्लेषण किया।
शुरुआत में बालाजी ने अपने काम को एक शोध प्रोजेक्ट के रूप में देखा। उनका मानना था कि GPT-3 कोई चैटबॉट नहीं है, बल्कि कंपनियों और कंप्यूटर प्रोग्रामर्स को अन्य सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया, “एक शोध प्रोजेक्ट के साथ आमतौर पर आप किसी भी डेटा पर प्रशिक्षण कर सकते हैं।”
ओपन एआई में विरोध के बाद छोड़ी कंपनी
सुचिर बालाजी ने OpenAI में एक एआई शोधकर्ता के रूप में काम किया था, लेकिन इस साल की शुरुआत में उन्होंने कंपनी छोड़ दी। कंपनी के खिलाफ बयानबाजी और कॉपी करने के आरोप के बाद उनका कंपनी में लगातार विरोध हो रहा था। कंपनी छोड़ने के बाद उन्होंने खुलकर यह बात कही कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी यानी ओपनएआई ने ऑनलाइन डेटा की नकल करके और इंटरनेट पर मौजूद किसी भी चीज की कॉपी करके कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया है। 2022 में ChatGPT के लॉन्च के बाद से OpenAI पर कई मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कंपनी ने अपने चैटबॉट को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइटेड कंटेंट का उपयोग किया।