कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे कई देशों ने बुधवार को इसे रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ राहत दी और आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की पहल की। हालांकि, भारत के एक बाजार में सामने आई संक्रमण की स्थिति और ब्राजील के एक प्रमुख शहर में पहला लॉकडाउन और अमेरिका में राष्ट्रपति का केवल अर्थव्यवस्था पर ध्यान यह बताता है कि जानलेना वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जंग में जीत अभी दूर है।
भारत के कुछ हिस्सों में सोमवार को लॉकडाउन में कुछ राहतें दी गई थीं। हालांकि, एशिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक बाजार में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कंप मचा है। दक्षिण चेन्नई में स्थित यह बाजार 250 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैला है। यह बाजार पूरे लॉकडाउन के दौरान खुला रहा और अब यहां कोरोना के करीब 1000 पॉजिटिव मामले हैं।
वहीं, ब्राजील के मरान्हाओ राज्य की राजधानी साओ लुइस देश का पहला ऐसा बड़ा शहर बन गया है जहां कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन लगाया गया है। इसके तहत साओ लुइस और आस-पास के तीन शहरों में करीब 15 लाख लोगों को उनके घरों में रहने को कहा गया है। कुछ आवश्यक सेवाओं को ही अनुमति दी गई है। बड़ी संख्या में उद्योग बंद हो गए हैं। स्कूलों में ताले पड़ गए हैं और परिवहन से साधनों पर भी रोक लगा दी गई है और पार्क भी बंद कर दिए गए हैं।
अमेरिका में स्थितियां जल्द से जल्द समान्य करने के प्रयासों के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने एरिजोना में मास्क बनाने वाली एक फैक्टरी का दौरा किया। यहां ट्रंप ने कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सब एकदम सही है। क्या कुछ लोग प्रभावित होंगे? हां। क्या कुछ लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे? हां। लेकिन, हमें अपने देश को फिर से पटरी पर लाना है और यह काम जल्द से जल्द होना चाहिए।'
बता दें कि सोमवार को यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन की ओर से जारी एक मॉडल के मुताबिक अगस्त तक अमेरिका में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या एक लाख 34 हजार के करीब पहुंच सकती है। संस्थान के निदेशक डॉ. क्रिस्टोफर मरे ने कहा, यह संख्या 95 हजार से दो लाख 43 हजार तक जा सकती है। वहीं, ट्रंप ने मॉडल की सटीकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को बंद रखने की हमें और बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
बता दें कि अमेरिका में अभी तक कोरोना वायरस के 12 लाख 38 हजार 83 मामले सामने आ चुके हैं। यहां इस जानलेवा महामारी की वजह से अभी तक 72 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका में अभी नौ लाख 64 हजार 787 सक्रिय मामले हैं, इनमें से 16 हजार से ज्यादा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।