मीडिया मुगल रुपर्ट मरडॉक के मीडिया संस्थानों के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ा अभियान शुरू हो गया है। खास बात यह है कि इस अभियान में ऑस्ट्रेलिया के दो पूर्व प्रधानमंत्री शामिल हैं, जो अलग-अलग पार्टियों के हैं। इनमें केविन रुड लेबर पार्टी और मैल्कम टर्नबुल लिबरल पार्टी के नेता हैं। इन दोनों की शिकायत है कि जब वे प्रधानमंत्री थे, तो मरडॉक के मीडिया हाउस ने उन्हें निशाना बनाया और उनकी छवि खराब करने में अहम भूमिका निभाई थी। दोनों ने एक प्रेस कांफ्रेंस मे कहा कि ऑस्ट्रेलिया के मीडिया दायरे में मरडॉक का लगभग एकाधिकार है। इस वजह से प्रधानमंत्री रहते हुए वे खुद पर लगाए गए आरोपों के जवाब नहीं दे पाए।
एक समय रुड और टर्नबुल एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते थे। लेकिन अब दोनों ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक बहस पर मरडॉक मीडिया के वर्चस्व के खिलाफ लामबंद हो हो गए हैं। इस मामले में हो रही संसदीय जांच में वे दोनों गवाह के बतौर पेश भी होंगे। दोनों ने कहा है कि संसदीय समिति के सामने वे बताएंगे कि मरडॉक का मीडिया हाउस- न्यूज कॉर्प- दक्षिणपंथी प्रचार का माध्यम बन गया है। मरडॉक के मीडिया हाउस पर ब्रिटेन में भी आरोप है कि वह पिछले 40 वर्षों में दक्षिणपंथी प्रचार का जरिया बना हुआ है। अमेरिका में मरडॉक का टीवी चैनल फॉक्स राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के मुखपत्र की तरह काम करता रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई विश्लेषकों के मुताबिक दुनिया में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी देश में मरडॉक मीडिया की जवाबदेही तय करने की कोशिश हो रही है। देश के जाने-माने पत्रकार डेविड हार्डैकर ने अखबार द गार्जियन से कहा- देश के दो पूर्व प्रधानमंत्री साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसकी वजह से सीनेट की जांच चल रही है। इसका वही परिणाम हो सकता है, जैसा ब्रिटेन में लेवेसन जांच से हुआ था। लेवेसन जांच के बाद ब्रिटिश प्रेस की संस्कृति, नैतिकता और मान्य व्यवहारों को परिभाषित किया गया। ऑस्ट्रेलिया में न्यूज कॉर्प के खिलाफ माहौल इस मीडिया हाउस की तरफ से ग्रीन टेक्नोलॉजी के खिलाफ चलाई गई मुहिम के बाद बना।
हाल में मरडॉक घराना अपने अंदरूनी विवादों में भी फंसा रहा है। कुछ महीने पहले मरडॉक के बड़े बेटे जेम्स मरडॉक ने मीडिया हाउस की संपादकीय नीति पर मतभेद जताते हुए न्यूज कॉर्प के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग का जैसा कवरेज न्यूज कॉर्प ने किया था, उसकी जेम्स ने खुली आलोचना की थी। पूर्व प्रधानमंत्री टर्नबुल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को झूठा बताने की मुहिम बेहद नुकसानदेह है। इससे दुनिया को काफी क्षति पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि जलवायु मुद्दे पर न्यूज कॉर्प की मुहिम इतनी भयानक है कि रुपर्ट मरडॉक के बेटे जेम्स भी उसे नहीं पचा पाए।
एक रैंकिंग के मुताबिक मीडिया पर एकाधिकार के मामले में ऑस्ट्रेलिया दुनिया में तीसरे नंबर पर है। उसके ऊपर सिर्फ चीन और मिस्र हैं। ऑस्ट्रेलिया के हर राज्य में प्रमुख अखबार मरडॉक घराने का है। इसका मुख्य प्रकाशन 'द ऑस्ट्रेलियन' है। आलोचकों के मुताबिक ये अखबार हाल के वर्षों में अधिक से अधिक दक्षिणपंथी रुख अपनाता गया है। इसके अलावा मरडॉक घराना स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया का भी मालिक है, जो ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख टीवी चैनल है। डिजिटल दुनिया में भी इसी समूह का वर्चस्व है। उसके डिजिटल माध्यमों का सब्सक्रिप्शन 2019 में चार लाख 93 हजार से अधिक था, जो इस साल छह लाख दस हजार से ऊपर हो गया। ढाई करोड़ की आबादी वाले ऑस्ट्रेलिया में समाचार पाठकों के बीच ये बहुत बड़ी पैठ है।
टर्नबुल ने कहा कि न्यूज कॉर्प एक राजनीति पार्टी की तरह काम करता है। यह दक्षिणपंथी राजनेताओं के साथ मिलकर नीति निर्माण और चुनाव नतीजों को प्रभावित करने लगा है। केविन रुड ने पिछले महीने एक जांच आयोग के गठन के लिए अभियान शुरू किया था। उसमें कहा गया था कि मरडॉक “हमारे लोकतंत्र के लिए कैंसर” की तरह हैं, इसलिए देश में विभिन्नता भरे मीडिया माहौल की जरूरत है। उस अर्जी पर पांच लाख से ज्यादा लोगों ने दस्तखत किए। विश्लेषकों का कहना है कि दोनों पूर्व प्रधानमंत्री मरडॉक को उन्हीं की दवा की खुराक दे रहे हैं। बेशक इसके पीछे दोनों की निजी खुन्नस भी है, लेकिन मरडॉक मीडिया से त्रस्त रहे लोग इससे राहत महसूस कर रहे हैं।