क्या अमेरिका और ईरान की यह जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी में धकेल देगी? शनिवार को बाजार बंद होने के कारण तेल की कीमतों में तुरंत उछाल नहीं आया है, लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही इसके गंभीर परिणाम दिख सकते हैं। होर्मुज जलमार्ग से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है और अगर यह रास्ता सुरक्षित नहीं रहा, तो पूरी दुनिया के सामने एक नया ऊर्जा संकट खड़ा हो जाएगा।
क्या दुनिया एक बार फिर भीषण ऊर्जा संकट की तरफ बढ़ रही है? अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता महज 10 दिन में ही हवा होता दिख रहा है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी (यूकेएमटीओ) ने शनिवार को पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर मिसाइल या गोला से हमला किया गया है। चार महीने से चले आ रहे संघर्ष को रोकने के लिए हुए समझौते के बाद यह दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे बड़ा और खतरनाक सैन्य टकराव है। इस हमले के बाद जहाजों की सुरक्षा में जुटी नौसेनाओं के गठबंधन 'जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर' ने क्षेत्र में सुरक्षा थ्रेट लेवल को बढ़ा दिया है।
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दोनों पक्षों ने लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
इस ताजा विवाद की शुरुआत गुरुवार को एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले से हुई थी। इसके बाद शनिवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेना ने रात भर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने शनिवार को अमेरिकी सेना से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सख्त लहजे में लिखा, 'ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने इसका सम्मान किया है। अगर उन्हें कोई समस्या थी, तो वे फोन उठा सकते थे। लेकिन हिंसा का जवाब अब हिंसा से ही दिया जाएगा।' दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका इस क्षेत्र में छद्म बलों का समर्थन करके समझौते का उल्लंघन कर रहा है।
क्या तेल की कीमतों में आ सकता है उछाल?
ईरान अब दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग पर फिर से अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश में है। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने उन जहाजों पर 'चेतावनी के लिए गोलियां' चलाईं जो उसके बिना स्वीकृत रास्तों से गुजर रहे थे। ईरान अब चाहता है कि जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाज उससे अनुमति लें। ईरान ने इस तनाव के पीछे अमेरिका की ओर से लेबनान में युद्धविराम न करा पाने को भी जिम्मेदार ठहराया है। लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच नए शांति समझौते के बावजूद शनिवार को नबातियेह इलाके में इस्राइली ड्रोन हमला हुआ है, जबकि हिजबुल्ला नेता नईम कासिम ने इस समझौते को आत्मसमर्पण बताते हुए खारिज कर दिया है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से जुड़ीं बड़ी बातें क्या?
टैंकर पर हमला: शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।
10 दिन में टूटा समझौता: चार महीने पुराने युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच महज 10 दिन पहले ही अंतरिम शांति समझौता हुआ था।
चेतावनी भरे शॉट: ईरान की सेना ने नियमों का उल्लंघन करने वाले अज्ञात जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां दागीं और ईरानी परमिट अनिवार्य करने की कोशिश की।
सहयोगी देशों पर असर: ईरान ने सिरीक बंदरगाह पर अमेरिकी हमले के जवाब में बहरीन पर ड्रोन हमला किया, जहां अमेरिकी नौसेना का क्षेत्रीय मुख्यालय है।
तेल बाजारों पर मंडराया खतरा: दो हफ्तों से जलमार्ग खुलने के कारण तेल की कीमतें प्री-वॉर लेवल पर आ गई थीं, लेकिन इस ताजा टकराव से बाजार बंद होने के कारण फिलहाल कीमतें स्थिर हैं।