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होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट गहराया: जंग से अब तक 279 जहाजों की आवाजाही, 22 पर हमला; वैश्विक तेल सप्लाई पर असर

Tue, 14 Apr 2026 07:39 PM IST
Shivam Garg वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

Strait of Hormuz Crisis: क्या दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग अब युद्ध का नया मोर्चा बन चुका है? होर्मुज जलडमरूमध्य में 279 जहाजों की आवाजाही और 22 हमलों ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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होर्मुज जलडमरूमध्य - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट देखी गई है। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 279 जहाजों ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पार किया है, जबकि 22 जहाजों पर हमले हुए हैं। इस संकट के चलते वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में लगभग 20% की गिरावट आई है। साथ ही तेल कीमतों में करीब 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे एशियाई देश सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

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जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही
एलएसईजी (LSEG) और केप्लर (Kpler) से प्राप्त शिपिंग डेटा के अनुसार, मंगलवार को कम से कम तीन टैंकरों ने फारस की खाड़ी में प्रवेश किया। पनामा-ध्वज वाला जहाज 'पीस गल्फ' संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज ईरान के क्षेत्रीय जल में लारक और होर्मुज द्वीपों के बीच बनाए गए नए मार्ग से गुजरा है, जिसका उपयोग करने का आदेश इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सभी जहाजों को दिया है।

इससे पहले, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित दो टैंकर, 'रिच स्टार्री' और 'एल्पिस' भी इस संकरे जलमार्ग से गुजरे थे। चूंकि ये तीनों जहाज ईरानी बंदरगाहों की ओर नहीं जा रहे थे, इसलिए वे अमेरिकी नाकाबंदी से प्रभावित नहीं हुए, जो सोमवार को प्रभावी हुई थी।
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अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसके बलों ने राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के अनुरूप, सुबह 10 बजे (ईटी) (14:00 जीएमटी) से ईरानी बंदरगाहों से और वहां आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी लागू कर दी है। सेंटकॉम ने कहा कि यह नाकाबंदी अरब सागर और ओमान की खाड़ी में सभी ईरानी बंदरगाहों सहित, ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या छोड़ने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी।

तेहरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों के बंदरगाहों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल हमलों के बाद ईरान ने प्रभावी रूप से अधिकांश अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। 

गौरतलब है कि 2 मार्च को आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ के एक वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी ने घोषणा की थी कि जलडमरूमध्य बंद है और यदि कोई भी जहाज इसे पार करने की कोशिश करता है, तो आईआरजीसी और नौसेना उन जहाजों को जला देंगे। जहाजों को आईआरजीसी की नौसेना के समन्वय से, लारक द्वीप के उत्तर में जलडमरूमध्य में प्रवेश करने और उसके दक्षिण से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया था।

जहाजों पर हमलों का आंकड़ा
केप्लर के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 28 फरवरी और 12 अप्रैल के बीच 279 जहाजों ने जलडमरूमध्य को पार किया है, जो युद्ध-पूर्व के औसत लगभग 100 जहाजों प्रति दिन से काफी कम है। अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम प्रभावी हुआ। हालांकि, उसके बाद से केवल 45 जहाजों ने ही जलडमरूमध्य में प्रवेश या निकास किया है।

केप्लर के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से होर्मुज जलडमरूमध्य में 22 जहाजों पर हमले हुए हैं। इनमें से आठ जहाज यूएई के क्षेत्रीय जल में, छह ओमान के जलक्षेत्र में, दो-दो इराकी और कतरी जलक्षेत्र में, और एक-एक बहरीन, कुवैत, सऊदी और ईरानी जलक्षेत्र में हमले का शिकार हुए।
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