ब्रिटेन के सबसे बड़े कर धोखाधड़ी मामले में इंग्लैंड की एक कोर्ट ने भारतीय मूल के युवक को दोषी ठहराया है। युवक पर आरोप है कि वह फर्जी डिजाइनर कपड़े बेचता था। इससे युवक ने करीब 97 मिलियन पाउंड के वैट की चोरी की थी। ब्रिटेन के कर विभाग ने मामले को देश का सबसे बड़ा कर धोखाधड़ी स्कैम बताया है। भारतीय युवक के साथ अपराधियों का एक गिरोह भी था। भारतीय युवक के साथ दुबई का एक युवक भी दोषी पाया गया है।
यह है पूरा मामला
भारतीय मूल का आरोपी आरिफ पटेल (55) मोजों का कारोबारी था। ब्रिटेन के कर विभाग ने मामले को देश का सबसे बड़े धोखाधड़ी के रूप में बताया है। मंगलवार को चेस्टर क्राउन कोर्ट ने 14 सप्ताह की सुनवाई के बाद पटेल को नकली कपड़ों की बिक्री, मनी लॉन्ड्रिंग, गलत हिसाब-किताब और राजस्व छिपाने का दोषी पाया है।
धोखाधड़ी जांच सेवा के निदेशक रिचर्ड लास ने कहा कि आरिफ पटेल एक लाजवाब जीवन जीने के शौकीन थे। 10 साल से अधिक समय से एनएचआरसी और हमारी टीम ने आरोपियों के खिलाफ एक साथ काम किया। पटेल ने अपने गिरोह के साथ नकली कपड़े आयात किए और बेचे। इनकी कीमत कम से कम 50 मिलियन पाउंड थी। आरिफ के अलावा दुबई के मोहम्मद जाफर अली (58) को इसी मामले में दोषी पाया गया है। आरिफ पटेल और अली को अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। लंकाशायर कांस्टेबुलरी के अधिकारी सैम मैकेंजी ने कहा कि आरिफ ने दुनिया के सामने खुद को एक प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में पेश किया था। आरिफ इन पैसों का इस्तेमाल खुद की जीवन शैली पर करता था।
पुलिस ने कंटेनर पकड़ा तब हुआ खुलासा
2004 में आरिफ और फैसलटेक्स कंपनियों ने नकली कपड़ों के थोक आयात के व्यापार में घुसे थे। अगले तीन सालों में पुलिस ने देश के अलग-अलग बंदरगाहों में नकली डिजाइनर कपड़ों से भरे कंटेनरों को रोक दिया था। एक जांच के दौरान पुलिस को कंटेनर के अंदर से फटे हुए कपड़े मिले थे। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था। ऐसे घोटालों को हिंडोला धोखाधड़ी के रूप में जाना जाता है, जहां सामान तो खरीदारों को बेचा जाता है, लेकिन पूरी प्रक्रिया अपराधी द्वारा नियंत्रित होती है, जो वैट पुन प्राप्त करने के लिए बिक्री और निर्यात को प्रेरित करता है।
दुबई जाता रहता था आरोपी
कोर्ट में सामने आया कि आरिफ अक्सर मोहम्मद जाफर अली से मिलने दुबई जाता था। नकली कपड़ों के निर्माताओं के साथ सौदे करने के साथ-साथ वह चीन और तुर्की की यात्राएं भी करता था। अली यूएई की फ्रीजोन कंपनियों और बैंक खातों से मुनाफे को लूटता था। पैसे ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की कंपनियों को भेजते थे। इस पैसों से आरिफ अपने शहर में संपत्ति खरीदता था।