US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे अमेरिकी जहाजों के लिए खतरा बने रहेंगे। उन्होंने हूतियों और उनके ईरानी समर्थकों को चेतावनी दी कि अगर हमले बंद नहीं किए तो उन्हें असली दर्द का सामना करना पड़ेगा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे जहाजों के लिए खतरा बने रहेंगे। उन्होंने हूतियों और उनके ईरानी समर्थकों को चेतावनी दी कि उन्हें आने वाले समय में असली दर्द झेलना पड़ेगा।
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ट्रंप ने यह धमकी 'ट्रुथ सोशल' पर दी है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार यमन पर हमले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच मैसेजिंग एप्प सिग्नल पर एक ग्रुप चैट में लीक होने को लेकर घिरी हुई है। इस ग्रुप चैट में एक अमेरिकी पत्रकार भी शामिल था। जिसे हमले की पहले ही जानकारी मिल गई थी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, हूतियों के पास एक सीधा विकल्प है- अमेरिकी जहाजों पर हमले बंद करो। हम भी तुम पर हमले रोक देंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह तो बस शुरुआत है। हूतियों और उनके ईरान समर्थकों दोनों के लिए असली दर्द बाकी है।
अमेरिकी सेना हर दिन कर रही जोरदार हमले: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि 15 मार्च से लगातार हमलों ने हूतियों को तबाह कर दिया है और अमेरिकी सेना उन्हें हर दिन और रात उन पर और भी सख्त हमले कर रही है। उन्होंने आगे कहा, जब तक वे हमारे नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बने रहेंगे, तब तक हमले जारी रहेंगे। ट्रंप से जब भी सिग्नल पर चैट लीक कांड के बारे में पूछा जाता है तो वह बार-बार कहते हैं कि हूतियों पर किए गए अमेरिका के हमले सफल रहे हैं।
यमन पर हमले की योजना कैसे हुई लीक
अटलांटिक पत्रिका ने पिछले हफ्ते खुलासा किया था कि उसके संपादक को गलती से एक ग्रुप चैट में शामिल किया गया था, जिसमें अमेरिका के शीर्ष अधिकारी यमन पर हवाई हमलों के बारे में चर्चा कर रहे थे। इस ग्रुप में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी शामिल थे, जिन्होंने हवाई हमलों के समय और खुफिया जानकारी का जिक्र किया।
व्हाइट हाउस ने कहा- बंद हो चुका सूचना लीक का मामला
ट्रंप ने वाल्ट्ज और हेगसेथ को हटाने की मांगो को खारिज किया और इस विवाद को 'विच हंट' करार दिया। विच हंट अंग्रेजी का एक मुहावरा है, जिसका मतलब बिना सबूतों के किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को मीडिया से कहा, हमारे हिसाब से यह मामला व्हाइट हाउस में बंद हो चुका है।