नेपाली पत्रकार व्यापार संगठन (फाइल फोटो)
नेपाल में किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के दोषी मीडिया प्रतिष्ठानों या पत्रकारों पर भारी जुर्माना लगाने वाले बिल को लेकर हंगामा खड़ा हो चुका है। संसद में यह बिल पेश करने पर नेपाल सरकार मीडिया समूहों और विपक्ष की कड़ी आलोचना में घिर गई है। नेपाल मीडिया सोसाइटी (एनएमएस) ने सरकार से बिल की तत्काल वापसी की मांग की है।
एनएमएस के अध्यक्ष सुभाशंकर कंदेल ने प्रधानमंत्री ओली को बिल को संशोधित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नेपाल के पत्रकारों और हितधारकों के साथ इस मामले में परामर्श कर बिल में संधोधन करें। बिल के कुच प्रावधान मीडिया उद्योग और स्वतंत्र प्रेस को ध्वस्त कर सकते हैं। यह बिल प्रेस स्वतंत्रता के खिलाफ है। वहीं मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने कहा कि सरकार विधेयक के माध्यम से प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के खिलाफ तख्तापलट की योजना बना रही है।
बता दें कि नेपाल सरकार ने किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाए जाने वाले मीडिया प्रतिष्ठानों या पत्रकारों पर दस लाख रुपये तक भारी जुर्माना लगाने के उद्देश्य से एक नए मीडिया विधेयक का 9 मई को प्रस्ताव रखा था।