अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने कहा है अमेरिका से व्यापार समझौता तभी करेगा जब भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और अपने बाजार को खोल देगा। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत मास्को से तेल नहीं खरीदता था। युद्ध से पहले उनका एक प्रतिशत तेल रूस से आता था और अब यह मात्रा बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है।
टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच पनपे तनाव को कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन के तेवर भले ही नरम पड़ गए हों, लेकिन लगातार बेतुके बयानों का दौर जारी है। अब अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने कहा है अमेरिका से व्यापार समझौता तभी करेगा जब भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और अपने बाजार को खोल देगा।
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लुटनिक ने कहा कि हम भारत के साथ समस्या का समाधान निकालने जा रहे हैं। भारत को अपना बाजार खोलना होगा। रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत मास्को से तेल नहीं खरीदता था। युद्ध से पहले उनका एक प्रतिशत तेल रूस से आता था और अब क्योंकि अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह मात्रा बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि भारत इसे खरीद रहा है। इसे परिष्कृत कर रहा है और फिर इसे दुनिया के बाकी हिस्सों में बेचकर खूब पैसा कमा रहा है। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे बकवास बताया और कहा कि आपको यह सब बंद करना होगा। इसलिए मुझे लगता है कि भारत जब रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा, तो हम इसे सुलझा लेंगे।
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इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे मित्र, प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी!' राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को सफलतापूर्वक पूरा करने में कोई कठिनाई नहीं होगी और वह आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे दोस्त मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं।
पीएम मोदी ने दिया जवाब
ट्रंप के पोस्ट के जवाब में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूं। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।'
टैरिफ पर भारत के अडिग रुख से ट्रंप का यूटर्न
भारत पर 50 फीसदी टैरिफ (रूस से तेल खरीदने के लिए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ समेत) लगाने के ट्रंप के फैसले के बाद उनके कड़े बयानों से संबंधों में हफ्तों तक तनाव के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में हाल ही में सुधार के संकेत मिले हैं। हाल ही में यह दूसरी बार है, जब ट्रंप ने भारत के साथ अपने देश के संबंधों की सराहना की है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी की भी प्रशंसा की है और उनसे अपनी पुरानी दोस्ती को मजबूत करने पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने भी ट्रंप की टिप्पणियों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।