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अमेरिका में बंद नहीं होगा सैन्य समाचार पत्र, राष्ट्रपति ट्रंप ने की बजट की घोषणा

Sun, 06 Sep 2020 12:54 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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Donald trump - फोटो : PTI
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वे पेंटागन के बजट में की जा रही कटौती वापस लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐसा करने पर दो सैन्य समाचार पत्र स्टार्स और स्ट्रिप्स को स्थायी रूप से बंद होने से रोका जा सकेगा। पिछले कुछ दिनों से प्रथम विश्व युद्ध के शहीद सैनिकों पर 2018 में अशोभनीय टिप्पणियां करने के आरोप झेल रहे ट्रंप ने इस घोषणा के साथ सैन्य समुदाय में मौजूद अपने मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया है।

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अमेरिका में यह दोनों अखबार कई दशकों से सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़ी खबरों और उनकी बात को जनता तक पहुंचाते आए हैं। रक्षा विभाग द्वारा बजट बंद करने से 30 सितंबर से इन अखबारों का प्रिंट व ऑनलाइन प्रकाशन बंद होने जा रहा था।

इसकी वजह ट्रंप द्वारा सरकारी पैसे से चलने वाले अखबारों पर वित्तीय हमले को माना जा रहा था। फरवरी में स्टार्स और स्ट्रिप्स को बंद करने का प्रस्ताव भी पेंटागन ने फरवरी में रखा था जो ट्रंप के अधीन है। लेकिन अब ट्रंप ने ट्विटर पर बताया कि अमेरिका इनका बजट जारी रखेगा क्योंकि यह अखबार उनकी महान सेना के बारे में सूचना का अच्छा माध्यम हैं।
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डेढ़ सदी पुराने अखबार, 1.55 करोड़ डॉलर बजट
स्टार्स और स्ट्रिप्स 1861 में शुरू हुए अमेरिकी गृह युद्ध के समय के अखबार हैं। अपने लेखों में इन अखबारों ने ट्रंप प्रशासन की समय समय पर जमकर खिंचाई भी की है। इन्हें सेना से ताल्लुक रखने वाले वर्गों के हितों को उठाने के लिए जाना जाता है। रक्षामंत्रालय द्वारा बजट शून्य करने की योजना के बाद 11 डेमेाक्रेटिक और चार रिपब्लिकन सांसदों ने फंड जारी रखने का निवेदन किया था। उन्होंने कहा था कि 70 हजार करोड़ डॉलर के रक्षा बजट में से इन अखबारों के लिए 1.55 करोड़ डॉलर मुहैया करवाए जा सकते हैं।

अटलांटिक की रिपोर्ट के बाद डैमेज कंट्रोल
द अटलांटिक पत्रिका ने हाल में खबर प्रकाशित की थी कि ट्रंप ने 2018 में फ्रांस में हुए कार्यक्रम के दौरान प्रथम विश्वयुद्ध के सैनिकों के लिए अशोभनीय टिप्पणियां की थीं। वहीं ट्रंप ने इस खबर को मनगढ़ंत करार दिया था। हालांकि अब मामला तूल पकड़ चुका है और अंदेशा है कि मौजूदा व पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के बीच उनकी लोकप्रियता को नुकसान हो सकता है। ऐसे में सैन्य अखबारों पर यह बयान डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।

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