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Sri Lanka Crisis Live: श्रीलंका में हाहाकार... 60 लाख से अधिक लोगों पर खाने का संकट, पेट्रोल के लिए लंबी कतार, प्रदर्शन जारी

Sat, 16 Jul 2022 04:31 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यहां की अर्थव्यवस्था इस कदर चरमरा गई है कि पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ खाने के सामग्रियों के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। वहीं 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति के चुने जाने की संभावना है।
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श्रीलंका में प्रदर्शन - फोटो : Social media
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विस्तार
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श्रीलंका में आर्थिक संकट अपने चरम पर पहुंच गया है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोगों के खाने पर आफत आ गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम(WFP) ने कहा है कि देश में 60 लाख से अधिक लोगों पर खाने का संकट मंडरा रहा है। श्रीलंका वर्तमान में गिरते भंडार के साथ एक गंभीर विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहा है और सरकार आवश्यक आयात के बिल को वहन करने में असमर्थ है। इतना ही नहीं पेट्रोल की किल्लत इस कदर है कि हाई प्रोफाइल लोगों जिनमें क्रिकेटर से लेकर राजनेता तक शामिल हैं को दो दिनों तक लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। 

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आज श्रीलंका की संसद बुलाई गई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आज श्रीलंका में संसद की विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में  अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए कार्यवाही शुरू की जाएगी। 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति के चुने जाने की संभावना है। द्वीप राष्ट्र के इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति की नियुक्ति सांसदों द्वारा की जाएगी, न कि लोकप्रिय जनादेश द्वारा। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया ने देश छोड़ने के बाद इस्तीफे का एलान कर दिया है।

28 जुलाई तक पूर्व पीएम और पूर्व वित्त मंत्री देश नहीं छोड़ सकते: सुप्रीम कोर्ट
श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे को बिना अनुमति के 28 जुलाई तक देश छोड़ने पर रोक लगा दी है।
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कोविड -19 महामारी और लॉकडाउन आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार
अपने त्यागपत्र में पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा कि उन्होंने आर्थिक मंदी का मुकाबला करने के लिए सर्वदलीय सरकार बनाने की कोशिश करने जैसे बेहतरीन कदम उठाए। अपने त्याग पत्र में, 73 वर्षीय राजपक्षे ने श्रीलंका के आर्थिक संकट के लिए कोविड -19 महामारी और लॉकडाउन को जिम्मेदार ठहराया।

श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने स्पीकर से की मुलाकात
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि आज सुबह माननीय स्पीकर से मुलाकात की। विशेष रूप से इस महत्वपूर्ण मोड़ पर लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे को बनाए रखने में संसद की भूमिका सराहनीय रही। बताया कि भारत लोकतंत्र, स्थिरता और समर्थन का समर्थन करना जारी रखेगा। श्रीलंका में आर्थिक सुधार जल्द होगा।

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