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Sri Lanka Crisis: राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कर्फ्यू के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की उपस्थिति पर प्रतिबंध लगाया

Sun, 03 Apr 2022 01:42 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, कोलंबो।

सार

श्रीलंका में आपातकाल की स्थिति लागू करने के बाद राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने 36 घंटे का देशव्यापी कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। राजपक्षे ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान किसी को भी बाहर नहीं आने देना चाहिए और न ही उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जाने देना चाहिए।
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श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे। - फोटो : Twitter
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विस्तार
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पड़ोसी देश श्रीलंका में हाहाकार मचा हुआ है। खाने की चीजें इतनी महंगी हो गईं कि लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। आलम ये है कि पेट्रोल से भी महंगा दूध बिक रहा है। देश में भड़कते जन आक्रोश से निपटने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने एक अप्रैल से देश में आपातकाल लागू कर दिया है।

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गोतबाया राजपक्षे ने शनिवार को आदेश दिया कि खराब आर्थिक संकट को लेकर सरकार विरोधी रैली से पहले सरकार द्वारा लगाए गए 36 घंटे के कर्फ्यू के दौरान किसी को भी बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाने दिया जाए।

देश में आपातकाल की स्थिति लागू करने के बाद राष्ट्रपति ने 36 घंटे का देशव्यापी कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। राजपक्षे ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान किसी को भी बाहर नहीं आने देना चाहिए और न ही उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जाने देना चाहिए।
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उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि इलाके में सार्वजनिक आदेश पर अमल करना आवश्यक है, कोई भी व्यक्ति दो अप्रैल शाम 6 बजे से चार अप्रैल सुबह छह बजे तक किसी भी सार्वजनिक सड़क, रेलवे, सार्वजनिक पार्क, सार्वजनिक मनोरंजन मैदान या अन्य सार्वजनिक मैदान या समुद्र तट पर नहीं दिखेगा।"

हालांकि, शनिवार शाम छह बजे कर्फ्यू लागू होने के बाद भी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन रात तक जारी रहा। कर्फ्यू के आदेश के बावजूद कोलंबो के कई उपनगरों में लोगों को विरोध करते देखा गया।



गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में, देश के अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट की वजह से सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों को ईंधन और रसोई गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के अलावा घंटों बिजली गुल होने का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही राजपक्षे के इस्तीफे की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

ये भी पढ़ें: Sri Lanka Crisis: दवाएं खत्म, पेट्रोल पंप पर सेना तैनात, चाय 100 तो मिर्च का दाम 700 रुपये, तस्वीरों में देखिए क्यों हुई ऐसी हालत?

श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी के कारण ईंधन और रसोई गैस जैसे आवश्यक सामानों की कमी हो गई है। बिजली कटौती एक दिन में 13 घंटे तक की जा रही है। श्रीलंका वर्तमान में इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। अस्पतालों में दवाएं खत्म होने से डॉक्टर्स ने मरीजों का ऑपरेशन रोक दिया है। पेट्रोल पंप पर फ्यूल के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं। खाने की चीजें इतनी महंगी हो गईं कि लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि पेट्रोल से भी महंगा दूध बिक रहा है।
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वहीं, राजपक्षे ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि विदेशी मुद्रा संकट उन्होंने नहीं बनाया है और आर्थिक मंदी काफी हद तक कोरोना महामारी की वजह से आई है।

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