पाकिस्तान में श्रीलंकाई नागरिक की हत्या के बाद मृतक की पत्नी ने दोनों देशों की सरकारों से न्याय की गुहार लगाई है। पत्नी का कहना है कि उसका पति एक सीधा-साधा व्यक्ति था। उसे गलत आरोप में मारा गया और मौत के घाट उतार दिया गया।
दरअसल, बीते शुक्रवार को लाहौर से 100 किलोमीटर दूर सियालकोट में एक श्रीलंकाई नागरिक प्रियंथा दियावदाना की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसके शव को जला दिया गया था। मृतक पर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। खबरों के मुताबिक, व्यक्ति एक कपड़ा फैक्ट्री में जनरल मैनेजर के रूप में कार्य करता था। भीड़ ने फैक्ट्री पर हमला बोला और श्रीलंका के नागरिक को बाहर खींच कर मार डाला।
ईशनिंदा का लगाया आरोप
अधिकारियों का कहना था कि व्यक्ति ने कथित तौर पर कट्टरपंथी संगठन टीएलपी के एक पोस्टर को फाड़ दिया था। इस पोस्टर पर कुरान की आयतें लिखी हुईं थीं, मामला सामने आते ही टीएलपी समर्थकों ने व्यक्ति को घेर लिया और पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में 800 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं 118 लोग गिरफ्तार किए हैं, जिसमें 13 मुख्य आरोपी हैं।
राजपक्षे ने की थी निंदा
घटना के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने घटना की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री दोषियों को सजा दिलाने के अपने वादे पर खरा उतरेंगे और पाकिस्तान में मौजूद श्रीलंकाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। घटना के बाद इमरान खान का भी ट्वीट सामने आया था, उन्होंने इस घटना को पाकिस्तान के लिए शर्म का दिन बताया था।