श्रीलंका में ईस्टर संडे पर सिलसिलेवार धमाकों के चार दिन बाद उस वक्त दहशत फैल गई जब राजधानी कोलंबो से 40 किमी पूर्व में पुगोड़ा शहर में धमाका हुआ। धमाका मजिस्ट्रेट अदालत के पीछे खाली जमीन पर हुआ। हालांकि इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ। उधर, सरकार ने विदेशी पर्यटकों के लिए वीसा ऑन अराइवल योजना को सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया है। इसे पूरे देश में एक मई से लागू किया जाना था और इसमें 30 देशों के पर्यटकों को यह सुविधा दी जानी थी।
सेना और छह देशों की खुफिया एजेंसियों की मदद से चल रहे जांच अभियान में गुरुवार को छापेमारी जारी रही। हमले को लेकर 16 और लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके पास दो बंदूकें भी मिली हैं। पकड़े गए लोगों में एक पाकिस्तानी ग्रुप भी शामिल है। इन्हें मिलाकर गिरफ्तार संदिग्धों की संख्या 76 हो गई है। इनमें पांच संदिग्ध उच्च स्तर के लोगों से जुड़े हैं। पकड़े गए लोगों में चार महिलाएं भी हैं। पकड़े गए सभी लोग मुस्लिम हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर मिले सबूतों से पता चला है कि जो हमले किए गए, वे आईएस से प्रेरित थे।
श्रीलंका सरकार के प्रवक्ता सुदर्शन गुणावर्धने ने बताया कि सिनामोन ग्रांड होटल में विस्फोट करने वाले हमलावर भाइयों में से एक को कुछ समय पहले गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में दोनों भाइयों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था, जिसकी वजह से उन्हें छोड़ दिया गया था। ये कोलंबो के चर्चित मसाला कारोबारी मोहम्मद यूसुफ इब्राहिम का बेटा था। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मोहम्मद यूसुफ के बेटे इल्हम अहमद और उसका भाई इमसथ अहमद संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे।
श्रीलंका में सरकार के बीच समन्वय की भारी कमी है। यही कारण है कि मृतकों की संख्या का सटीक आंकड़ा नहीं दे सकी है। बुधवार तक उप रक्षा मंत्री रुवन विजयवर्धने ने मृतकों की संख्या 359 बताई थी। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसमें संशोधन करते हुए कहा कि हमलों में 11 भारतीयों समेत 253 लोग ही मारे गए हैं। यानी 106 लोग कम। मंत्रालय के मुताबिक हमलों वाली जगहों पर मानव अंग बिखरे हुए थे। एक ही व्यक्ति के अंगों की अलग-अलग व्यक्ति मानकर गिनती हुई। इससे मृतकों की संख्या बढ़ गई। गुरुवार को डॉक्टरों ने ऑटोप्सी की प्रक्रिया पूरी की तो हताहतों की सही संख्या के बारे में पता चल पाया।