श्रीलंका राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके दिसंबर में भारत के दौरे पर आने वाले हैं। इसी सिलसिले में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका और भारत के रिश्तें में मजबूती पर जोर देते हुए दिसानायके से भारत के साथ अपनाए गए 'विजन डॉक्यूमेंट' को पूरी तरह से लागू करने का अनुरोध किया है।
बता दें कि विक्रमसिंघे ने जुलाई 2023 में भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक विजन डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग के क्षेत्रों, खासकर आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया गया था।
आर्थिक साझेदारी पर मेन फोकस
दिसानायके के भारत दौरे से पहले श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पिछले साल भारत के साथ जो "विजन डॉक्यूमेंट" अपनाया गया था उसे पूरी तरह से लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने और पीएम मोदी ने जो विजन डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं उसमें द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों को तय किया है। मेरा मानना है कि दिसानायके को इसे आगे बढ़ाना चाहिए और हमें इसे पूरी तरह से लागू करना चाहिए।
विजन डॉक्यूमेंट के लक्ष्य पर प्रकाश
इंदौर के 'श्री सत्य साईं विद्या विहार स्कूल' में एक कार्यक्रम में शामिल हुए विक्रमसिंघे ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में समुद्री, वायु, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था। साथ ही, इसमें पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने की बात की गई थी।
खेल परिसर का किया उद्घाटन
विक्रमसिंघे ने यहां श्री सत्य साईं विद्या विहार में एक खेल परिसर का उद्घाटन किया और साझा विरासत भारत और हिंद महासागर विषय पर सभा को संबोधित किया। उन्होंने श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भारत की मदद का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत की सहायता से श्रीलंका ने अपने सबसे कठिन समय में लाभ उठाया।
पीएम मोदी का कहा धन्यवाद
विक्रमसिंघे ने संकट के समय में श्रीलंका के साथ खड़ा रहने के लिए पीएम मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत ने श्रीलंका को संकट से उबारने के लिए लगभग 4 बिलियन डॉलर की मदद दी थी। इस दौरान, श्रीलंका ने अपना पहला संप्रभु डिफॉल्ट घोषित किया था और गोटबाया राजपक्षे को पद छोड़ना पड़ा था। इसके साथ ही विक्रमसिंघे ने यह भी कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन समय से ही धार्मिक, व्यापारिक, भाषाई और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।