Sri Lanka: श्रीलंका में आतंकवादी और चरमपंथी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल लिट्टे सहित 15 संस्थाओं और 210 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके सभी फंड, अन्य वित्तीय संपत्तियों और आर्थिक संसाधनों को जब्त किया गया है।
श्रीलंका में आतंकवादी और चरमपंथी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल लिट्टे सहित 15 संस्थाओं और 210 लोगों के सभी फंड, अन्य वित्तीय संपत्तियों और आर्थिक संसाधनों को जब्त किया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
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रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा सचिव जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणरत्ने के नाम से गजट अधिसूचना जारी की गई। इसमें कहा गया कि संबंधित कानून के तहत नामित और सूचीबद्ध किसी भी व्यक्ति, संस्था या ईकाई के स्वामित्व वाले सभी फंड, अन्य वित्तीय संपत्ति और आर्थिक संसाधनों को जब्त करने का आदेश जारी किया जाए।
इन 15 संगठनों में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे), नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) और जमात मिल्लाथु इब्राहिम (जेएमआई) शामिल हैं। लिट्टे ने द्वीप राष्ट्र के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों में तमिलों के लए एक अलग देश के लिए करीब तीस वर्षों तक सैन्य अभियान चलाया था। हालांकि, श्रीलंकाई सेना ने इस संगठन के सर्वोच्च नेता वी प्रभाकरण की हत्या कर दी थी। जिसके बाद इसका पतन हो गया।
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एनटीजे का अप्रैल 2019 में ईस्टर के मौके पर हुए घातक हमले के पीछे हाथ था। इस हमले में 11 भारतीयों सहित 270 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इस संगठन के संबंध आईएसआईएस से माने जाते हैं।
अन्य प्रतिबंधित समूहों में तमिल रिहेबिलिटेशन ऑर्गेनाइजेशन, तमिल कॉर्डिनेटिंग कमिटी, वर्ल्ड तमिल मूवमेंट, ट्रांजिशनल गवर्नमेंट ऑफ तमिल ईलम और वर्ल्ड तमिल रिलीफ फंड शामिल हैं।