श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को संसद, सुप्रीम कोर्ट परिसर और राष्ट्रपति सचिवालय सहित कोलंबो में कई प्रमुख स्थानों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन परिसरों में किसी भी तरह के विरोध या आंदोलन पर प्रतिबंध रहेगा। अलगाववादी संगठन के आत्मघाती हमलों से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।
शुक्रवार को जारी एक गजट अधिसूचना में, राष्ट्रपति सचिवालय ने प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया है। अधिसूचना में कहा गया है कि संसद के आसपास के क्षेत्रों, सुप्रीम कोर्ट कॉम्प्लेक्स, कोलंबो में हाई कोर्ट कॉम्प्लेक्स, कोलंबो में मजिस्ट्रेट कोर्ट कॉम्प्लेक्स और अटॉर्नी जनरल के विभाग, राष्ट्रपति सचिवालय, राष्ट्रपति भवन, श्रीलंका नौसेना मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय को उच्च सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया है।
साथ ही इस क्षेत्र में संसद के पास स्थित रक्षा मंत्रालय और श्रीलंका सेना मुख्यालय, श्रीलंका वायु सेना मुख्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय के सचिव और कमांडरों के आधिकारिक निवास भी शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार, उच्च सुरक्षा क्षेत्रों के रूप में घोषित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, साथ ही इन स्थानों के आसपास वाहन पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। बता दें श्रीलंका में पिछले दिनों सबसे ज्यादा संसद के आसपास विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को अब इन प्रमुख क्षेत्रों में गैरकानूनी प्रवेश के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है।
तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर अप्रैल के मध्य से जुलाई के मध्य तक संसद और इसके आसपास ही भीड़ देखी जा सकती थी सही मायनों में कहा जाए तो यह स्थान बड़े सार्वजनिक आंदोलन स्थल बन गए थे।