श्रीलंका में राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शन शनिवार को लगातार 50वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन आयोजकों ने कहा है कि इस दिन विशेष रूप से बड़े पैमाने पर, लोगों की व्यापक भागीदारी के साथ प्रदर्शन किए गए।
श्रीलंका इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और दिवालिया होने के कगार पर है। देश में भोजन, ईंधन, दवाओं और रसोई गैस से लेकर माचिस तक की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। देश में पिछले 49 दिनों से गोतबाया के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के चलते गोतबाया के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को इस्तीफा भी देना पड़ा और देश में राजनीतिक अशांति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति राजपक्षे से भी इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।
श्रीलंकाई उच्चायुक्त से सीतारमण ने की वित्तीय मदद पर वार्ता
श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंद मोरागोडा ने भारतीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से नई दिल्ली में भेंट कर उनके देश को वित्तीय मदद बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। श्रीलंका के उच्चायोग के अनुसार सीतारमण के साथ बैठक में मोरागोडा ने दोहराया कि जब तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ आर्थिक समायोजन योजना पर बातचीत करके उसे अंतिम रूप नहीं दिया जाता श्रीलंका को फिलहाल अर्थव्यवस्था को चलाने योग्य वित्तीय मदद की जरूरत होगी। मोरागोडा ने जरूरी चीजों व ईंधन के लिए उधार के रूप में और बकाया भुगतान में मदद के लिए भारतीय सहयोग पर सीतारमण को धन्यवाद दिया।
भारत ने श्रीलंका के मछुआरों के लिए 15,000 लीटर केरोसिन भेजा
भारत ने तमिल बहुत जाफना शहर में 700 मछुआरों एवं यांत्रिक नौका सेवाओं की मदद करने के लिए शनिवार को 15,000 लीटर केरोसिन श्रीलंका भेजा। नई दिल्ली ने इससे एक दिन पहले कोलंबो को करीब 40,000 मीट्रिक टन पेट्रोल भेजा था। श्रीलंका इन दिनों सबसे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।