अपने इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर पारंपरिक सिंहला और तमिल नव वर्ष का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दूध उबाला और पारंपरिक मिठाइयां वितरित कीं। इसमें कुछ प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल हुईं। देश के सबसे खराब आर्थिक दौर में स्थिति न संभाल पाने के लिए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके शक्तिशाली परिवार से इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन का आज छठा दिन है।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवेश और आस-पास के इलाके पर कब्जा कर लिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने प्रदर्शनकारियों के सामने वार्ता करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने ठुकरा दिया था। वह सीधे तौर पर राष्ट्रपति और सरकार में मौजूद उनके परिजनों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम तब तक कोई बातचीत नहीं करेंगे जब तक राजपक्षे परिवार का हर सदस्य पद से इस्तीफा नहीं दे देता।
गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर सुबह 8.41 बजे नव वर्ष का स्वागत किया और 9.07 बजे के मुहूर्त पर दूध उबाला। नए साल में पहले भोजन के लिए 10.17 बजे पारंपरिक मिठाइयां वितरित की गईं। बता दें कि राष्ट्रपति कार्यालय के बाहरप्रदर्शनकारी शनिवार से ही जुटे हुए हैं। इस प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि हम देश में भ्रष्ट राजनीतिक संस्कृति को पूरी तरह बदलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति 1948 में ब्रिटेन की गुलामी से आजादी मिलने के बाद से ही विकसित होती रही है।
क्रिकेटर और संगीतकार भी प्रदर्शन में पहुंचे
इस प्रदर्शन में कई प्रसिद्ध हस्तियों, संगीतकारों, कलाकारों और लेखकों ने भी हिस्सा लिया है। गुरुवार को दिग्गज संगीतकार विक्टर रत्नायके भी प्रदर्शनकारियों का साथ देने पहुंचे। इसके अलावा साल 1996 में क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे रोशन महामना ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया है। वर्तमान में विदेशी मुद्रा की गंभीर कमी का सामना कर रही श्रीलंका की सरकार ने 12 अप्रैल को एलान किया था कि वह विदेशी कर्ज का भुगतान निलंबित कर रही है। इसमें बॉन्ड और सरकार से सरकार की उधारी भी शामिल है।