श्रीलंका में गहराया संकट हर दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। अब तक देशभर में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन किसी तरह की हिंसा का खबर नहीं आई थी। लेकिन अब मामला हिंसक होता जा रहा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हो गए वहीं एक प्रदर्शनकारी की मौके पर ही मौत हो गई।
एएफपी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि कुछ लोग रामबुकाना में हाइवे जाम कर रहे थे। ये सभी लोग पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों, अस्पताल और पुलिस से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे और प्रदर्शन कर रहे थे। इन लोगों ने हाइवे जाम कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने हाइवे खुलवाने के लिए पहले प्रदर्शनकारियों पर डंडे बरसाए और फिर गोली चला दी।
राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को झुकना पड़ा
वहीं, आर्थिक संकट और विरोध प्रदर्शनों के बीच आखिरकार राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को झुकना पड़ा। उन्होंने अपनी गलती मानते हुए कहा कि वह सुधार का प्रयास करेंगे। सोमवार को राजपक्षे ने नई कैबिनेट का गठन किया है। इसमें उनके परिवार के केवल एक ही सदस्य महिंद्रा राजपक्षे हैं जो कि प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने वर्ल्ड बैंक से बेल आउट पैकेज की भी मांग की है।
बता दें कि इन दिनों श्रीलंका बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में विदेशी मुद्रा की भारी कमी है। डॉलर की कमी के कारण खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक का पर्याप्त आयात नहीं हो पा रहा है जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है। वह भारत और चीन से कर्ज की आस लगाए है। भारत ने उसे मदद दी भी है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।