श्रीलंका की अदालत ने अमेरिकी हमले में मारे गए 84 ईरानी नागरिकों के शव ईरान के दूतावास को सौंपने का आदेश दिया है। ये शव फिलहाल गाले राष्ट्रीय अस्पताल में रखे गए हैं। हमले में बचे 32 लोगों को अस्पताल से छुट्टी देकर सैन्य ठिकाने पर भेज दिया गया है, जबकि दूसरा ईरानी जहाज इंजन खराबी के कारण कोलंबो के बाहर खड़ा है। पढ़िए रिपोर्ट-
श्रीलंका की एक अदालत ने बुधवार को को आदेश दिया कि अमेरिकी हमले में मारे गए 84 ईरानी नागरिकों के शवर ईरान के दूतावास को सौंप दिए जाएं। इन शवों को फिलहाल गाले राष्ट्रीय अस्पताल के दो फ्रीजर कंटेनर्स में रखा गया है।
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गाले के मुख्य मजिस्ट्रेट समीर दोडांगोडा ने अस्पताल के निदेशक को आदेश दिया कि सभी शव ईरान के दूतावास को सौंप दिए जाएं। यह आदेश गाले हार्बर पुलिस के अनुरोध पर जारी किया गया।
हमले में कैसे डूबा ईरानी युद्धपोत?
पिछले बुधवार को श्रीलंका ने बताया था कि अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना के डूबने के बाद 84 ईरानी नागरिकों के शव बरामद किए गए। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट पर गाले के पास हुई थी। यह जहाज विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था। आईआरआईएस ने एक नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया था।
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शव और बचे लोग कहां लाए गए?
इन शवों को बाकी बचे हुए 32 लोगों के साथ गाले के करापिटिया स्थित राष्ट्रीय अस्पताल लाया गया था। इससे पहले श्रीलंका सरकार ने कहा था कि हालात बेहतर होने तक शवों को देश में ही रखा जाएगा, ताकि बाद में उन्हें उनके देश भेजा जा सके।
अस्पताल में शवों को कैसे रखा गया?
अस्पताल के मुर्दाघर में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण शवों को अस्थायी ठंडा रखने की व्यवस्था (रेफ्रिजरेशन) में रखा गया था। हमले में बचे हुए 32 लोगों को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और उन्हें गाले में श्रीलंका के वायु सेना बेस में भेज दिया गया। बाद में उन्हें राजधानी कोलंबो के बाहर स्थित नौसैनिक केंद्र में ले जाया गया। वहां पिछले शुक्रवार से दूसरे ईरानी जहाज आईआरआईएस बुशेहर के 204 नाविक रह रहे हैं।
ईरान का दूसरा जहाज क्यों ठहरा हुआ है?
नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि आईआरआईएस बुशेहर के इंजन में खराबी आने के कारण वह अभी कोलंबो के बाहर लंगर डाले हुए है। इस जहाज को बाद में पूर्वी बंदरगाह शहर त्रिंकोमाली ले जाने की योजना थी।