Sri Lanka Crisis: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 2.9 अरब डॉलर का ब्रिज लोन हासिल करने की कोशिश कर रहा संकटग्रस्त द्वीपीय देश श्रीलंका अपने प्रमुख लेनदारों चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन हासिल करने की कोशिशों में लगा है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शनिवार को कहा कि देश ने जापान के साथ ऋण पुनर्गठन पर वार्ता पूरी कर ली है। साथ ही उन्होनें यह भी कहा कि वे इस महीने भारत के साथ भी इस तरह की बैठकें जारी रखेंगे।
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 2.9 अरब डॉलर का ब्रिज लोन हासिल करने की कोशिश कर रहा संकटग्रस्त द्वीपीय देश श्रीलंका अपने प्रमुख लेनदारों चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन हासिल करने की कोशिशों में लगा है। आईएमएफ की ओर से श्रीलंका को बेलआउट पैकेज पर रोक लगा दी गई है क्योंकि श्रीलंका इस सुविधा के लिए वैश्विक ऋणदात की शर्त को पूरा नहीं कर पा रहा है। ऐसे में यह देश अपने लेनदारों के साथ बातचीत कर ऋण पुनर्गठन की कोशिशों में लगा है।
कोलंबो में ट्रेड यूनियनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि चीन के एक्जिम बैंक के साथ भी इस सप्ताह ऋण पुनर्गठन वार्ता हुई और आगे की बातचीत जारी है। विक्रमसिंघे ने कहा, '19 जनवरी को भारतीय विदेश मंत्री के दौरे पर आने की उम्मीद है और हम भारत के साथ कर्ज पुनर्गठन वार्ता जारी रखेंगे। विक्रमसिंघे ने कुछ दिन पहले कहा था कि कर्ज पुनर्गठन के श्रीलंका के अनुरोध पर भारत का जवाब इस महीने के अंत तक आने की उम्मीद है।
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उन्होंने पहले कहा था कि भारत और श्रीलंका ने ऋण पुनर्गठन पर 'सफल' वार्ता की और देश चीन के साथ भी चर्चा शुरू करेगा। विक्रमसिंघे ने जोर देकर कहा कि द्वीपीय देश के पास केवल आईएमएफ से बेलआउट पैकेज मिलने का ही सहारा बचा है। राष्ट्रपति ने कहा कि वह आईएमएफ से यह सुविधा तीन-चार किस्तों में मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इस देश को जल्द ही इस संकट से बाहर निकालना चाहता हूं।
श्रीलंका ने पिछले साल सितंबर में अपने लेनदारों के साथ ऋण पुनर्गठन वार्ता शुरू की थी जैसा कि आईएमएफ के साथ चार साल में 2.9 अरब डॉलर की सुविधा के लिए समझौते के अनुसार आवश्यक था।