परमाणु कार्यक्रम को लेकर शुरू हुए इस्राइल और ईरान के बीच तनाव में अमेरिका की भूमिका अहम मानी जा रही है। इसी बीच इस तनाव का असर अब राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थकों पर भी देखने को मिल रहा है। जहां ट्रंप के कट्टर समर्थकों और राष्ट्रीय सुरक्षा समर्थक कंजरवेटिव नेताओं के बीच इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर बड़ा मतभेद सामने आया है। वजह है ट्रंप का ऐसा संकेत देना कि अमेरिका इस संघर्ष में और गहराई से शामिल हो सकता है, जो उनके अमेरिका फर्स्ट वादे के ठीक विपरीत माना जा रहा है।
किन-किन नेताओं ने जताया विरोध
चार्ली किर्क ने कहा- मुश्किल होगी ट्रंप की राह
ट्रंप समर्थक नेता लिंडसे ग्राहम का अलग रुख
वहीं दूसरी ओर ट्रंप के एक और करीबी और रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप को अब निर्णायक कदम उठाना चाहिए और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने में इस्राइल का खुलकर साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इसका मतलब है कि हमें बम देना पड़े, तो दें। अगर इसका मतलब है कि अमेरिका को इस्राइल के साथ चलना भरनी पड़े, तो भरें।
ये भी पढ़ें:- Conflict: 'परमाणु हथियार बनाने से अभी भी तीन साल दूर है ईरान', अमेरिका ने इस्राइली रिपोर्ट पर जताई असहमति
अमेरिकी कदम और ट्रंप की प्रतिक्रिया
बता दें कि बीते हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्रालय और सेना ने मध्य पूर्व के कुछ दूतावासों से गैर-जरूरी स्टाफ और उनके परिवारों को स्वेच्छा से निकालने के निर्देश दिए। इसी बीच ट्रंप ने जी-7 सम्मेलन (कनाडा) से अचानक वापसी कर ली और वॉशिंगटन लौट कर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से आपात बैठक की। जहां सोशल मीडिया पर ट्रंप ने चेतावनी दी कि हर कोई तुरंत तेहरान (ईरान की राजधानी) छोड़ दे।