संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने बीते सप्ताह इमरान खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया था। एफआईए की एफआईआर के मुताबिक, वूटन क्रिकेट लिमिटेड के मालिक आरिफ मसूद नकवी ने खान की पार्टी के नाम से पंजीकृत बैंक खाते में गलत तरीके से पैसा ट्रांसफर किया था।
पाकिस्तान की एक विशेष अदालत से पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ी राहत मिली है। अवैध धन के संबंध में गलत हलफनामा मामले में अदालत ने उन्हें सोमवार को अंतरिम जमानत दी। वे 31 अक्तूबर तक अंतरिम जमानत पर हैं। गौरतलब है कि उनके और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग में कथित तौर पर एक अवैध धन के संबंध में गलत हलफनामा दाखिल करने के मामला दर्ज किया गया था।
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संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने बीते सप्ताह इमरान खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया था। एफआईए की एफआईआर के मुताबिक, वूटन क्रिकेट लिमिटेड के मालिक आरिफ मसूद नकवी ने खान की पार्टी के नाम से पंजीकृत बैंक खाते में गलत तरीके से पैसा ट्रांसफर किया था। इस मामले में पूर्व पीएम इमरान खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
उन्होंने सोमवार को विशेष अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। जहां न्यायाधीश राजा आसिफ महमूद ने दलीलें सुनने के बाद 100,000 पाकिस्तानी रुपये के ज़मानत बांड भरने और 31 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान इमरान खान और अन्य नेताओं ने किसी भी गलत काम से इनकार करते हुए दावा किया कि पीटीआई को मिले रुपये विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों से चंदे के रूप में मिले थे। इस मामले में इमरान खान के अलावा सरदार अजहर तारिक खान, सैफुल्ला खान न्याजी, सैयद यूनुस अली रजा, आमेर महमूद कियानी, तारिक रहीम शेख, तारिक शफी, फैसल मकबूल शेख, हामिद जमान और मंजूर अहमद चौधरी को भी आरोपी बनाया गया था। वहीं, एफआईए ने दो आरोपियों सैफुल्ला खान न्याजी और हामिद जमान को पहले ही हिरासत में ले लिया है।
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गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पीएम पद से हटाए जाने के बाद से इमरान खान विभिन्न मामलों का सामना कर रहे हैं। इन मामलों को वे मौजूदा सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध लेने का हिस्सा बताते रहते हैं।