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स्पेसएक्स स्टारशिप: कक्षा तक पहली बार भरी उड़ान, स्टारलिंक के उपग्रह पहुंचाए; सुरक्षा के कारण अवधि छोटी की गई

Tue, 29 Sep 2026 03:39 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।

सार

स्पेसएक्स के स्टारशिप ने अपनी पहली कक्षीय उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। स्टारलिंक के उन्नत उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया गया। सुरक्षा कारणों से उड़ान को निर्धारित समय से पहले समाप्त कर दिया गया, लेकिन यह अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी- NASA के चंद्र मिशन- आर्टेमिस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट (फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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स्पेसएक्स के विशाल स्टारशिप ने सोमवार को (अमेरिकी समयानुसार) अपनी पहली कक्षीय उड़ान सफलतापूर्वक भरी। इसने सबसे उन्नत स्टारलिंक उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाया। हालांकि, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उड़ान को निर्धारित समय से छोटा रखा गया। टेक्सास से उड़ान भरने के तीन घंटे बाद अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनी का अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर के ऊपर पुनः प्रवेश कर हवाई के उत्तर में उतरा। कंपनी का लक्ष्य 10 घंटे की उड़ान का था, जिसमें पृथ्वी के छह पूरे चक्कर शामिल थे। स्पेसएक्स के स्टारशिप का उद्देश्य नासा के आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम के लिए अपनी तैयारी साबित करना था। 

उड़ान के दौरान क्या कुछ हुआ?

कंपनी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक स्टारशिप लैंड करने के साथ ही पलट गया और आग की लपटों में घिर गया, जिसे मिशन का नाटकीय अंत बताया गया। दरअसल, स्टारशिप के कक्षा तक पहुंचने से पहले ही इसका एक इंजन निर्धारित समय से पहले ही बंद हो गया। हालांकि, बाकी प्रणालियां ठीक से काम करते देख उड़ान नियंत्रकों ने पहले से निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ने का फैसला किया। थोड़ी देर बाद ही मिशन कंट्रोल ने "स्टारशिप कक्षा में स्थापित हुआ" इसकी घोषणा की गई। वैज्ञानिकों ने तालियां बजाकर एक दूसरे को बधाई दी। नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने स्पेसएक्स को कक्षा में पहुंचने पर बधाई दी। उन्होंने इसे सुरक्षित, जिम्मेदार और प्रेरणादायक तरीके से प्रबंधित करने की सराहना की। मस्क के इस विशाल रॉकेट ने 26 नवीनतम स्टारलिंक उपग्रहों को ले जाया। ये उपग्रह 11,000 पुराने मॉडलों में शामिल हो गए। ये सभी पहले से ही इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहे हैं। उपग्रह एक-एक करके अंतरिक्ष यान से बाहर निकले।

स्टारशिप की उड़ान को समय से पहले क्यों रोका गया?

उड़ान जल्दी समाप्त करने का निर्णय उपग्रहों के निकलने के तुरंत बाद आया। स्पेसएक्स ने घंटों बाद ऑनलाइन अपडेट जारी कर इसकी सूचना दी। यह निर्णय शुरुआती इंजन समस्या के कारण अत्यधिक सावधानी के तौर पर लिया गया था। यह तीन वर्षों में टेक्सास के दक्षिणी सिरे से स्टारशिप का 14वां पूर्ण प्रक्षेपण था। पहले की परीक्षण उड़ानें हिंद महासागर से आगे नहीं गई थीं। वे अक्सर लपटों में दुर्घटनाग्रस्त हो जाती थीं। इस बार स्पेसएक्स का इरादा 275 किलोमीटर की ऊंचाई से दुनिया का चक्कर लगाना था। यह एक बार नहीं, बल्कि लगभग 10 घंटे में छह बार चक्कर लगाने की योजना थी। इसका अंत चिली के पास प्रशांत महासागर में उतरने के साथ होना था। स्टारशिप ने उचित कक्षा प्राप्त कर ली थी। यह 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। लेकिन उड़ान नियंत्रकों ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने इसे कुछ चक्करों के बाद कई घंटे पहले वापस लाने का विकल्प चुना।

स्टारशिप को पुनः प्रयोज्य कैसे बनाया जाएगा?

प्रक्षेपण से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक पहले चरण के बूस्टर को स्टारबेस प्रक्षेपण स्थल पर वापस नहीं आना था। यह सुबह उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों में मेक्सिको की खाड़ी में गिर गया। स्पेसएक्स यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सब कुछ ठीक काम करे। मस्क ने एक कारोबार शिखर सम्मेलन में कहा था। यदि अंतरिक्ष यान जमीन पर टूटता है और लोगों पर मलबा गिरता है, तो हमारी लोकप्रियता तेजी से कम हो जाएगी। सोमवार की कक्षीय शुरुआत के निष्कर्षों के आधार पर, अगला स्टारशिप प्रक्षेपण स्थल पर लौट सकता है। वहां विशाल यांत्रिक भुजाएं उड़ते हुए अंतरिक्ष यान को पकड़ेंगी। यदि यह पकड़ काम करती है, तो स्पेसएक्स साल के अंत या अगले साल की शुरुआत तक अंतरिक्ष यान को पुनः उड़ान भरेगा। मस्क को इसकी सफलता की अच्छी उम्मीद है। 124 मीटर लंबा यह रॉकेट शुरू से ही पूरी तरह से पुनः प्रयोज्य होने के लिए डिजाइन किया गया था। यह प्रक्षेपण लागत को कम करने की कुंजी है। स्पेसएक्स ने जुलाई में हिंद महासागर से पिछले स्टारशिप को बचाने में कामयाबी हासिल की थी। इंजीनियरों ने नए लॉन्च किए गए स्टारशिप के ताप कवच को संशोधित किया। यह बरामद अंतरिक्ष यान के निरीक्षण के आधार पर किया गया। उस अंतरिक्ष यान को वापस स्टारबेस खींचा जा रहा है।

नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम में स्टारशिप की क्या भूमिका है?

स्पेसएक्स स्टारशिप को कक्षीय उड़ान के लिए प्रमाणित करने पर जोर दे रहा है। यह चंद्रमा और मंगल यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नासा का आर्टेमिस III मिशन अगले गर्मियों तक आने वाला है। यह पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष यात्रियों से भरे ओरियन कैप्सूल और प्रतिस्पर्धी चंद्र लैंडर के बीच एक ट्रिपल-लॉन्च डॉकिंग अभ्यास है। जेफ बेजोस का ब्लू मून पहले उड़ान भरेगा, उसके बाद ओरियन जुड़ाव के लिए करीब आएगा। फिर मस्क का स्टारशिप ओरियन के साथ डॉकिंग करेगा, जब ब्लू मून जारी किया जाएगा। अगला मिशन, आर्टेमिस IV, 2028 से पहले निर्धारित नहीं है। इसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे। यह ब्लू मून या स्टारशिप में से जो भी पहले तैयार होगा, उसमें होगा। बाद के चंद्र मिशन दोनों अरबपतियों के लैंडर के बीच बारी-बारी से होंगे।

एलन मस्क की स्टारशिप को लेकर भविष्य की क्या योजनाएं हैं?

मस्क ने मूल रूप से स्टारशिप को मंगल ग्रह के लिए विकसित किया था। उनका इरादा लाल ग्रह के पहले उपनिवेशियों के साथ कई स्टारशिप लॉन्च करने का था। फिलहाल, वह चंद्रमा पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहे हैं। वह स्टारशिप का उपयोग बड़ी मात्रा में उपग्रहों को कक्षा में ले जाने के लिए करेंगे। कंपनी अपने कमजोर फाल्कन 9 रॉकेट को कई वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से हटा देगी। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में दूसरा स्टारशिप प्रक्षेपण स्थल पूरा होने वाला है। लुइसियाना के लिए तीसरा प्रक्षेपण स्थल प्रस्तावित है।

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