पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच दक्षिण कोरिया की संसद शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त बजट विधेयक पर मतदान करने जा रही है। यह विधेयक बढ़ती तेल कीमतों के बोझ को कम करने और छोटे व्यवसायों व कमजोर परिवारों को संघर्ष के आर्थिक झटके से बचाने के लिए लाया गया है।
30 ट्रिलियन वोन तक पहुंचा बजट प्रस्ताव
सरकारी शुरुआती प्रस्ताव 26.2 ट्रिलियन वोन का था, लेकिन संसदीय समितियों की समीक्षा के बाद इसे बढ़ाकर लगभग 30 ट्रिलियन वोन (करीब 20.3 अरब डॉलर) कर दिया गया है। यह अतिरिक्त बजट मुख्य रूप से ऊर्जा संकट और महंगाई के प्रभाव को कम करने पर केंद्रित है।
कम आय वर्ग को नकद सहायता देने की योजना
इस पैकेज में सरकार की एक प्रमुख योजना शामिल है, जिसके तहत देश की निचली 70 प्रतिशत आय आबादी को नकद सहायता दी जाएगी। अनुमान है कि लगभग 3.58 करोड़ नागरिकों को उनकी आय और क्षेत्र के आधार पर 1 लाख वोन से लेकर 6 लाख वोन तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
संसद में राजनीतिक मतभेद भी जारी
हालांकि इस बिल पर राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन अब भी कई मुद्दों पर मतभेद कायम हैं। मुख्य विपक्षी पीपल पावर पार्टी का कहना है कि इस बजट में कई ऐसी योजनाएं शामिल हैं जो आपात आर्थिक सहायता के दायरे में नहीं आतीं। विपक्ष ने मांग की है कि सीधे जनता को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाए। वहीं सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस विधेयक को जल्द पारित करने की अपील की है ताकि आर्थिक दबाव को कम किया जा सके।
तेल संकट से निपटने की तैयारी तेज
दक्षिण कोरिया पहले ही ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक तेल आपूर्ति सुनिश्चित कर चुका है। 7 अप्रैल को देश ने घोषणा की थी कि मई के लिए लगभग 6 करोड़ बैरल वैकल्पिक तेल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है, ताकि मध्य पूर्व से होने वाली आपूर्ति में बाधा का असर कम किया जा सके।
17 देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित
व्यापार, उद्योग और संसाधन सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण कोरिया अब तक 17 देशों से कुल 11 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर चुका है। इनमें सऊदी अरब, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील और कनाडा जैसे देश शामिल हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई ऑयल स्वैप प्रणाली के तहत देश की चार प्रमुख रिफाइनरी कंपनियों ने 3 करोड़ बैरल से अधिक तेल उधार लेने की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 80 लाख बैरल तेल की आपूर्ति इसी सप्ताह की जाएगी।