दक्षिण कोरिया ने अपना पहला सैन्य जासूसी उपग्रह लॉन्च कर दिया है। बता दें, यह लॉन्चिंग पहले ही की जानी थी लेकिन मौसम की मार के कारण शुक्रवार को इसकी लॉन्चिंग हो सकी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने स्पेस एक्स के साथ पांच जासूसी उपग्रह भेजने के लिए करार किया है, जिसमें से पहला उपग्रह शुक्रवार को लॉन्च किया गया।
देश की सुरक्षा मजूबत
रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरियाई सैटेलाइट अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च किया गया था। दक्षिण कोरिया स्पेस एक्स के साथ 2025 तक पांच सैन्य जासूसी उपग्रह लॉन्च करेगा। दक्षिण कोरिया के पास अब तक अपना कोई सैन्य जासूसी उपग्रह नहीं था। उत्तर कोरिया पर नजर रखने के लिए वह अब तक अमेरिकी उपग्रहों पर ही निर्भर था। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों की मानें तो उपग्रह से उनकी देश की सुरक्षा व्यवस्था कहीं अधिक मजबूत हो गई है।
अधिकारियों ने कहा- ठीक काम कर रहा है या नहीं, इसकी जांच कर रहे हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण कोरिया सरकार का कहना है कि उपग्रह कक्षा में प्रवेश कर चुका है लेकिन अभी तक अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि अभी कुछ नहीं सकते हैं। पहले हमें देखना होगा कि क्या यह ठीक से काम कर रहा है या नहीं।
दक्षिण कोरिया भी लॉन्च कर चुका है उपग्रह
बता दें, पिछले महीने ही दक्षिण कोरिया के दुश्मन देश उत्तर कोरिया ने सैन्य जासूसी उपग्रह मल्लीगयोंग-1 लॉन्च किया था। इस वजह से दोनों देशों के बीच तनाव भी बढ़ गए थे। उपग्रह प्रक्षेपण की जानकारी सामने आने के बाद जापानी प्रधानमंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा था कि हम अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर उत्तर कोरिया से "दृढ़ता से आग्रह" करेगा कि वह इसके साथ आगे न बढ़े। प्योंगयांग एक सैन्य जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने की मांग कर रहा है, उसका कहना है कि वह अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उपग्रहों के एक बेड़े की योजना बना रहा है।