दक्षिण कोरिया ने ग्रेटर सियोल क्षेत्र के सभी स्कूल और किंडरगार्टेन को बंद करने का निर्देश दिया है। यह फैसला वहां कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया गया है। ग्रेटर सियोल में पिछले दो सप्ताह में करीब 200 छात्र और कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश में 11 सितंबर तक दूरस्थ शिक्षा (रिमोट एजुकेशन) चलती रहेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि देश कोरोना वायरस के राष्ट्रव्यापी प्रकोप की कगार पर खड़ा है। ग्रेटर सियोल इलाके में करीब 2.5 करोड़ लोग रहते हैं। अब यहां के सभी छात्र ऑनलाइन माध्यम से पढ़ेंगे। कोरिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उन स्कूलों को जहां 60 से कम छात्र हैं और विशेष शिक्षा वाले स्कूलों को यह चुनने की अनुमति दी गई है कि वह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करें या नहीं।
यहां अधिकतर स्कूल 20 मई से एक जून के बीच खुलने शुरू हुए थे जब देश में कोविड-19 के मामलों में गिरावट देखी गई थी। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डाटा के अनुसार दक्षिण कोरिया में अब तक कोविड-19 के 17,945 मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा इस महामारी की वजह से यहां अब तक 310 लोगों की मौत हुई है। दक्षिण कोरिया में कोविड-19 नियंत्रण की काफी सराहना हुई थी।
हालांकि, हाल के सप्ताहों में यहां खासकर ग्रेटर सियोल में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। मंगलवार को दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के 280 नए मामले सामने आए थे। यहां पहली बार सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने का आदेश दिया गया है। चर्च, नाइट क्लब और कैरिओके बार भी बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने कहा है कि मामले बढ़ते रहे तो सोशल डिस्टेंसिंग को भी अनिवार्य किया जाएगा।