मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने शुक्रवार शाम एक राष्ट्रीय चैनल पर कहा कि अदालत के फैसले में अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार सबसे ऊपर रहे। यह न्याय की जीत है। राष्ट्रपति ने कहा कि आईसीजे का फैसला गाजा के नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने का पहला कदम है।
अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के बाद दक्षिण अफ्रीका का बयान सामने आया है। अफ्रीका ने इस्राइल पर लगाए गए नरसंहार के आरोपों को सही ठहराया है। वहीं, इस्राइल ने अदालत के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने इसे अपमान जनक बताया है। बता दें, इस्राइल पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगाते हुए दक्षिण अफ्रीका ने अदालत का रुख किया था। अफ्रीका ने युद्ध विराम की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने गाजा में युद्ध विराम का आदेश देने से इनकार कर दिया।
राष्ट्रीय चैनल पर रामाफोसा ने किया संबोधित
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने शुक्रवार शाम एक राष्ट्रीय चैनल पर कहा कि अदालत के फैसले में अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार सबसे ऊपर रहे। यह न्याय की जीत है। राष्ट्रपति ने कहा कि आईसीजे का फैसला गाजा के नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने का पहला कदम है। हमने जब कोर्ट का रूख किया तो कई लोगों ने हमें कहा कि हम अपने काम से काम करें। कुछ ने कहा कि यह हमारा काम नहीं है। हम भी रंगभेद के शिकार थे। हमने हमलों को अनुभव किया है। हमने इस परेशानी को झेला है। रंग के संघर्ष में हमारे कई लोगों की मौत हो गई। कई लोगों को निर्वासित कर दिया गया। हम निष्क्रिय नहीं हो सकते। हम सभी की स्वतंत्रता के लिए खड़ें हैं। हम न्याय के लिए खड़े हैं।
इस्राइल ने की आलोचना
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अदालत के फैसले के बाद शुक्रवार को कहा कि हम अपने लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे लोगों और देश की सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे हम उठाएंगे। हर देश की तरह इस्राइल को भी अपनी अखंडता की रक्षा करने का बुनियादी अधिकार है। इस्राइल फलस्तीनियों के खिलाप नरसंहार कर रहा है, यह दावा सरासर गलत है। यह अपमानजनक है।