दक्षिण अफ्रीका के रुस्टेनबर्ग में बंद पड़ी खदान के अंदर 14 मजदूरों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने और आपराधिक गिरोहों की मौजूदगी ने इस अवैध खनन उद्योग को बेहद जानलेवा बना दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
दक्षिण अफ्रीका से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रुस्टेनबर्ग शहर के पास एक बंद पड़ी खदान में कम से कम 14 अवैध खदान मजदूरों के शव बरामद हुए हैं। पुलिस ने मंगलवार को इस बड़े हादसे की पुष्टि की है। इस दर्दनाक घटना में दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
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यह पूरी घटना जोहान्सबर्ग से लगभग 130 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित रुस्टेनबर्ग के पास की है। राष्ट्रीय पुलिस सेवा ने मौतों की सटीक वजहों का अभी खुलासा नहीं किया है। हालांकि, स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रांतीय पुलिस आयुक्त खुद मौके पर पहुंच रहे हैं।
क्या अवैध खनन बना मौत का जाल?
लापरवाही और खतरा: दक्षिण अफ्रीका में हजारों की संख्या में अनधिकृत मजदूर बंद पड़ी सोने और प्लैटिनम की खदानों में काम करते हैं।
सुरक्षा का अभाव: ये मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम में जुट जाते हैं।
हफ्तों का अंधेरा: बची-खुची धातुओं की तलाश में मजदूर कई-कई हफ्तों तक जमीन के नीचे ही रहते हैं।
खतरनाक खदानें: कमर्शियल कंपनियों द्वारा छोड़ी गई ये खदानें पूरी तरह से असुरक्षित हो चुकी हैं।
आखिर क्यों खूनी बन रहा है यह काला कारोबार?
दक्षिण अफ्रीका में अनधिकृत खनन की समस्या बहुत गहरी है। यह अवैध कारोबार पूरी तरह से आपराधिक गिरोहों के नियंत्रण में है। इन खदानों पर कब्जे को लेकर अक्सर अलग-अलग गिरोहों के बीच हिंसक झड़पें होती रहती हैं। रुस्टेनबर्ग प्लैटिनम खनन का एक बड़ा केंद्र है। पूरे विश्व में प्लैटिनम का सबसे बड़ा भंडार दक्षिण अफ्रीका के पास ही है।