अमेरिकी टैरिफ से पूरी दुनिया में मची हाहाकार के बीच यूरोपीय संघ ने भी भारत के साथ लंबित व्यापार समझौते के तहत कार आयात पर टैरिफ समाप्त करने की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार वार्ता को अंतिम रूप देने के लिए अपने वर्तमान प्रस्ताव को और अधिक सरल बनाने को तैयार है। कुछ सप्ताह पहले अमेरिका ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कारों पर आयात शुल्क समाप्त करने की मांग की थी, जिससे घरेलू कार निर्माताओं पर दबाव बढ़ गया है।
फायदे में रहेंगी विदेशी कंपनियां
टैरिफ में कटौती फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कार निर्माता कंपनियों के लिए एक जीत होगी, जिससे भारत में उनकी पहुंच बढ़ेगी। यह अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की टेस्ला के लिए भी एक जीत हो सकती है, जो इस साल संभवतः अपने बर्लिन प्लांट से भारत में आयातित ईवी की बिक्री शुरू करेगी। इसके विपरीत, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। इनका कहना है कि इससे उस क्षेत्र को नुकसान होगा जिसमें उन्होंने भारी निवेश किया है और जिसमें वे और अधिक पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं।
वहीं, भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम), जो दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार में प्रमुख कार निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करता है, ने भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।