कोरोना वायरस ने लगभग दुनिया के हर एक बड़े देश को अपना निशाना बनाया है और कितने देशों ने तबाही का मंजर देखा है लेकिन कोरोना वायरस की वैक्सीन आने के बाद एक उम्मीद जगी थी कि कोरोना का खतरा अब कम होगा, वैक्सीन लगने से लोगों की जान नहीं जाएगी।
लेकिन हाल ही में आई दुखद खबर ये है कि कई बड़े देशों ने चर्चित एस्ट्रेजेनेका के कोरोना वैक्सीन लगाने पर रोक लगा दी है। वजह बताई गई कि जिन लोगों ने यह वैक्सीन लगवाई उनके शरीर पर खून के थक्के उभर आए। अस्थायी रूप से इस कोविड वैक्सीन को बैन करने वालों में फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और कई अन्य सहित यूरोपीय संघ के राष्ट्र शामिल हैं।
वहीं ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मास्यूटिकल्स कंपनी एस्ट्राजेनेका ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों की समीक्षा की गई और यह कोविड -19 वैक्सीन उपयोग के लिए पूरी तरह से सुरक्षित पाई गई। आगे एस्ट्राजेनेका ने कहा कि इसके कोई सबूत नहीं है कि इस कोविड -19 वैक्सीन से खून के थक्कों का खतरा बढ़ गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को क्लीन चिट थी, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वैक्सीन और थक्कों का कोई संपर्क नहीं मिला है। साथ ही संगठन ने आग्रह किया कि विश्व भर में वैक्सीन का उपयोग रुकना नहीं चाहिए और देशों को टीकाकरण अभियान जारी रखना चाहिए। डब्ल्यूएचओ इस विषय पर और विस्तार ने जानने के लिए विशेषज्ञों के साथ एक बैठक करेगा।