कट्टरपंथी धार्मिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पाक में ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी सोशल मीडिया सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पाक गृह मंत्रालय ने देश के दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चार घंटे के लिए इन सेवाओं को निलंबित करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि पिछले साल फ्रांस में हुए इस्लाम के अपमान को लेकर टीएलपी समर्थकों ने फ्रांसीसी राजदूत को 20 अप्रैल तक पाक से निष्कासित करने के लिए दबाव बनाया हुआ है। लेकिन पुलिस ने सोमवार को ही पार्टी के प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों में सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार को आशंका थी कि शुक्रवार को नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों को संगठित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर देश में हिंसा भड़काई जा सकती है।
बता दें कि टीएलपी पर आतंकवाद कानून के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान के हालात काफी बिगड़ गए हैं। इस बीच गृहमंत्री राशिद अहमद ने यूट्यूब पर प्रचार वीडियो अपलोड करने के लिए टीएलपी को चेतावनी भी दी।
हिंसा रोकने में नाकाम सरकार
फ्रांस के मुद्दे पर पाकिस्तान में गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है और आरोप हैं कि इमरान खान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। डॉन अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का एक भी ऐसा शहर नहीं बचा है जहां प्रदर्शन नहीं हो रहा हो। लाहौर, कराची और इस्लामाबाद हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित हैं। अन्य शहरों में भी भीषण उत्पात की खबरें हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्पष्ट है कि प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जबकि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। टीएलपी पर हुई कार्रवाई के बावजूद हिंसा रोकने में इमरान सरकार को नाकाम बताया जा रहा है।
लंदन में पाक मिशन के बाहर प्रदर्शन
ब्रिटेन में टीएलपी के करीब दो दर्जन लोग लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर एकत्र हुए और उन्होंने फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासितत करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह मांग भी की कि पाक सरकार फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करे। टीएलपी समर्थकों ने लोंडेस स्क्वायर पर नारेबाजी की और उच्चायोग को अपनी औपचारिक शिकायतों के साथ एक याचिका भी प्रस्तुत की।