वैज्ञानिकों ने सिनेमा हॉल के भीतर तंबाकू उत्पादों के हानिकारक तत्वों का पता लगाने के लिए मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके जरिए हॉल में सिगरेट व धूम्रपान के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुओं को पकड़ा जाता है।
वैज्ञानिकों ने पाया कि सिगरेट में जो हानिकारक तत्व होते हैं, उसकी मात्रा हाल में लोगों के प्रवेश के साथ ही हॉल के अंदर भी आ गई। इसका अर्थ यह हुआ कि सिनेमा हॉल में बैठे लोगों को उतना ही खतरा है, जितना धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के आसपास खड़े होने से होता है।
थर्डहैंड स्मोक से मस्तिष्क, लिवर को खतरा
थर्डहैंड स्मोकिंग से मस्तिष्क और लिवर को नुकसान होता है। कई बार पाचन तंत्र खराब होता है। चूहों पर हुए शोध में पता चला है कि इससे टाइप-टू डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है और जख्म भी नहीं भरते हैं।
सेकंड हैंड स्मोकिंग में चार हजार केमिकल
वैज्ञानिकों ने बताया है कि सेकंड हैंड स्मोकिंग के दौरान चार हजार केमिकल निकलते हैं। सिनेमा हॉल में जब लोग प्रवेश करते हैं तो इसका स्तर ज्यादा रहता है। जब वे चले जाते हैं तब भी वैसी ही स्थिति रहती है।