फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खगोलीय घटना: आसमान में आज दिखेगा अद्भुत नजारा, एक कतार में नजर आएंगे सौरमंडल के छह ग्रह; जानिए कैसे देखें?

Sat, 28 Feb 2026 05:51 AM IST
Shivam Garg एजेंसी, नई दिल्ली/वाशिंगटन

सार

शनिवार को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब सौरमंडल के छह ग्रह (बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून) सूर्यास्त के बाद एक ही कतार में दिखाई देंगे। यह प्लेनेटरी परेड भारत सहित दुनिया भर से देखी जा सकेगी।
विज्ञापन
अद्भुत खगोलीय घटना - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आसमान में शनिवार को एक अदभुत खगोलीय घटना का नजारा दिखाई देगा। इसमें सूर्यास्त के बाद सौरमंडल के छह ग्रह एक ही कतार में नजर आएंगे। यदि आसमान साफ रहा, तो भारत सहित दुनिया भर के लोग इस खगोलीय घटना के गवाह बन सकेंगे। खगोल विज्ञान की भाषा में प्लेनेटरी परेड तब होती है जब कई ग्रह सूर्य के एक ही ओर एक कतार में दिखाई देते हैं।

विज्ञापन


हालांकि, अंतरिक्ष में ये ग्रह वास्तव में एक सीधी रेखा में नहीं होते, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे ग्रहण वृत्त के साथ एक-दूसरे के बेहद करीब और संरेखित लगते हैं। इस बार इस परेड में बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल हो रहे हैं। यह अदभुत दृश्य 28 फरवरी को सूर्यास्त के लगभग 30 मिनट बाद होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, दर्शकों को पश्चिमी दिशा की ओर देखना चाहिए। भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग अपने घरों की छतों या किसी खुले मैदान से इसे देख सकते हैं। दिलचस्प बात ये है कि इन ग्रहों में बुध, शुक्र, बृहस्पति और शनि इतने चमकदार होंगे कि इन्हें बिना किसी उपकरण के नग्न आंखों के देखा जा सकेगा।

सबसे चमकीला नजर आएगा शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह पश्चिमी क्षितिज के पास सबसे चमकीला नजर आएगा। शुक्र और बुध क्षितिज के काफी करीब होंगे, जबकि शनि, नेपच्यून, यूरेनस और बृहस्पति उनसे ऊपर की ओर एक क्रम में दिखाई देंगे। इस महीने मंगल ग्रह दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसे छह-ग्रह संरेखण कहा जा रहा है।
विज्ञापन


इन ग्रहों के लिए होगी टेलीस्कोप की जरूरत
यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी। ग्रह और तारे में अंतर: ग्रहों की पहचान करने का सबसे आसान तरीका यह है कि तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह स्थिर रोशनी के साथ चमकते हैं। इस परेड में बृहस्पति अपनी तीव्र चमक के कारण सबसे आसानी से पहचाना जा सकेगा, जो दक्षिण आकाश में ओरियन नक्षत्र के पास दिखाई देगा।

 बरतनी होगी सावधानी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और अन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ग्रहों को देखने की कोशिश तभी करें जब सूर्य पूरी तरह डूब चुका हो। सूरज की ओर सीधे देखना आंखों के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। शहरों में रहने वाले लोग, जहां प्रकाश प्रदूषण अधिक होता है, ऊंची इमारतों की छतों का चुनाव करें ताकि पश्चिमी आकाश का स्पष्ट दृश्य मिल सके।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें