पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) की रैली में शुक्रवार को ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके एक दिन बाद पुलिस ने दावा किया है कि शहर में स्थिति नियंत्रण में हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीटीआई पूर्व प्रधानमंत्री इमरान का राजनीतिक संगठन है।
मरदान के वरिष्ठ अधीक्षक रोखनजेब खान ने समाचार पत्र डॉन को बताया कि शनिवार की रात सावल धेर इलाके में पीटीआई की एक रैली में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की घटना हुई। खान ने कहा कि रैली समाप्त होने के बाद कथित तौर ईशनिंदा पूर्ण टिप्पणी की गई, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति निगार आलम पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा, 'जब हमने देखा कि (इलाके में) लोग गुस्से में हैं और निगार पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, तो हम उसे बाजार में एक दुकान (जहां रैली आयोजित की जा रही थी) में ले गए। लेकिन लोग दुकान में घुस गए और उस पर मुक्कों, लातों से हमला करना शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हमले के दौरान आलम की मौत हो गई।
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं: जिला पुलिस कार्यालय
जिला पुलिस कार्यालय (डीपीओ) के नजीबुर रहमान ने बताया कि पुलिस ने बाद में भीड़ को तितर-बितर किया और शव बरामद किया। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाना शुरू कर दिया है। 'डॉन' की खबर के मुताबिक, रहमान ने कहा कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और घटना की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
ईशनिंदा कानूनों में बदलाव को लेकर पाकिस्तान पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय और पाकिस्तानी अधिकार समूहों ने कहा कि ईशनिंदा के आरोपों का इस्तेमाल अक्सर धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने और निजी दुश्मनी के लिए किया जाता रहा है। पाकिस्तान की सरकार पर लंबे समय से देश के ईशनिंदा कानूनों को बदलने का दबाव रहा है, लेकिन देश की अन्य राजनीतिक ताकतों ने इसका कड़ा विरोध किया है।
ननकाना साहिब में भी हुई थी इसी तरह की घटना
इससे पहले फरवरी में ननकाना साहिब में ईशनिंदा के आरोपी एक व्यक्ति को आक्रोशित भीड़ ने जबरदस्ती थाने से बाहर निकाला था और उसे यातना देकर मौत के घाट उतार दिया था। यह घटना वारबर्टन इलाके में हुई थी, जहां आरोपी मुस्लिम व्यक्ति को अपनी पूर्व पत्नी की तस्वीरों का इस्तेमाल ईशनिंदा और जादू-टोने के लिए करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। उस व्यक्ति पर कुरान के पन्नों को आग लगाने का भी आरोप लगाया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, दो साल जेल में बिताने के बाद उसे हाल ही में रिहा किया जाना था। भीड़ ने उस पुलिस स्टेशन पर हमला किया जहां आरोपी को एक हवालात में रखा गया था। इस दौरान पुलिस स्टेशन के एसएचओ और अन्य कानून प्रवर्तन कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। 'द फ्राइडे टाइम्स' ने सूत्रों के हवाले से कहा कि भीड़ ने आरोपी को हवालात से बाहर खींच लिया, और उसे यातना देकर मार डाला और उसके शरीर को आग लगा दी।