पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्र में बारिश और बाढ़ से तबाही मचा रखी है। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पाकिस्तान में बाढ़ के चलते अब तक 657 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि मानसूनी बारिश के चलते 26 जून से अब तक 929 लोगों की मौत हो चुकी है। अब मौसम विभाग ने 17 अगस्त से 21 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के लोगों से एहतियाती उपाय करने की अपील की है।
पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि मूसलाधार बारिश और बादल फटने के चलते अचानक आई बाढ़ ने खैबर पख्तूनख्वा में कम से कम 657 लोगों की जान ले ली है। अकेले बुनेर में ही 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। कम से कम 137 लोग घायल हो गए। बाढ़ के चलते घर ढह गए और पानी के तेज बहाव में कई लोग, मवेशी और वाहन बह गए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दूरदराज के गांवों में कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। साथ ही कई लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो हजार कर्मियों के साथ बचाव कार्य जारी है, लेकिन पुलों और संपर्क मार्गों सहित प्रमुख सड़कों के नष्ट होने से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष सामान्य से पहले शुरू हुई मूसलाधार बारिश अगले दो सप्ताह तक और अधिक तीव्रता के साथ जारी रहने की उम्मीद है।
परिवहन सेवा प्रभावित
खैबर पख्तूनख्वा में काम कर रही बचाव एजेंसी के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने कहा कि भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बहनें से बचाव कार्यों जैसे मशीनरी और एंबुलेंस के परिवहन में परेशानी आ रही है। कुछ इलाकों में मजदूरों को आपदा स्थलों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वे बचे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही अपने रिश्तेदारों या प्रियजनों की मलबे में फंसकर हुई मौत के कारण वहां से निकल पा रहे हैं। बुनेर के उपायुक्त काशिफ कयूम खान ने कहा कि बचावकर्मियों को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने के लिए नए रास्ते ढूँढ़ने पड़ रहे हैं। अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिन्हें स्थानीय निवासी नहीं निकाल सकते।
पाकिस्तानी सेना भी चला रही अभियान
पाकिस्तानी सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू (यूएसएआर) टीम ने भी बुनेर, शांगला और स्वात में बचाव अभियान शुरू किया। सेना के जवान प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बहाल करने के लिए अवरुद्ध मार्गों को साफ करने और क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करने के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी रात भर मलबे में खोजबीन करते रहे।
मुख्यमंत्री पहुंचे बुनेर
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन खान गंदापुर ने शनिवार को बुनेर का दौरा कर चल रहे बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले की सात ग्राम परिषदें बादल फटने से प्रभावित हुईं, जिससे कुल 5,380 घर क्षतिग्रस्त हो गए। बचाव और राहत कार्य जारी है। अब तक 3500 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रांतीय सरकार प्राथमिकता के आधार पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। सरकार ने राहत एवं पुनर्वास गतिविधियों के लिए 1.5 अरब रुपये जारी किये हैं।
छह जिले आपदा प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार कि सरकार ने छह जिलों बुनेर, बाजौर, स्वात, शांगला, मनसेहरा और बट्टाग्राम को आपदा प्रभावित घोषित किया है। इस मौसम में पाकिस्तान में मूसलाधार मानसूनी बारिश से अब तक 650 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तथा 905 लोग घायल हुए हैं।