पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं, ताजा मामला पेशावर से सामने आया है यहां अज्ञात बंदूकधारियों ने एक सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि पाकिस्तान पुलिस ने रविवार को कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। मृतक का नाम मनमोहन सिंह था, जो रशीद गढ़ी से पेशावर जा रहे थे उसी दौरान कुछ हथियारबंद लोगों ने गुलदारा चौक ककशाल के पास उन पर हमला कर दिया।
पुलिस ने बताया कि मनमोहन सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सरकार ने पुलिस को प्रांत में कानून का पालन करने वाले नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मामले की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ जानलेवा हमलों में यह नवीनतम घटना है। वहीं पिछले 48 घंटों में पेशावर के यक्का तूत इलाके में किसी सिख व्यक्ति पर जानलेवा हमले की यह दूसरी घटना है। शुक्रवार को एक सिख व्यक्ति के पैरों में गोली मार दी थी जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गया था। वहीं काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट शुक्रवार को हमले में घायल हुए सिख व्यापारी तरलोक सिंह पर सशस्त्र हमले की जांच कर रहा है।
मार्च में अज्ञात हमलावरों ने पेशावर में एक सिख व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पेशावर में लगभग 15,000 सिख रहते हैं, ज्यादातर प्रांतीय राजधानी पेशावर के जोगन शाह पड़ोस में रहते हैं। पेशावर में सिख समुदाय के अधिकांश सदस्य व्यवसाय से जुड़े हैं। पिछले साल सितंबर में, पेशावर में एक प्रसिद्ध सिख हकीम (यूनानी चिकित्सा व्यवसायी) की अज्ञात बंदूकधारियों ने उनके क्लिनिक के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
2018 में, पेशावर में सिख समुदाय के एक प्रमुख सदस्य चरणजीत सिंह की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। इसी तरह, शहर में 2020 में न्यूज चैनल के एंकर रविंदर सिंह की हत्या कर दी गई थी। 2016 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ नेशनल असेंबली के सदस्य सोरेन सिंह की भी पेशावर में हत्या कर दी गई थी। वहीं मुस्लिम बहुल देश में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है।