पाकिस्तान नेशनल एसेंबली में विपक्ष के नेता और पाकिस्तान मुस्लीम लीग (नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ चार महीने के बाद लंदन से इस्लामाबाद लौट आए हैं। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते खतरे की वजह से पाकिस्तान ने अगले दो हफ्ते के लिए बाहर के देशों से आने वाले विमानों पर रोक लगा दी है। ऐसे में रविवार को इस्लामाबाद पहुंचने के बाद शहबाज शरीफ को भी एहतियाती तौर पर मेडिकल जांच के बाद किसी एकांत जगह में भेज दिया गया है। शहबाज अगले कुछ दिनों तक निजी और सियासी गतिविधियों से भी दूर रहेंगे।
कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति को देखते हुए शहबाज़ ने लंदन से आते वक्त एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से उनका स्वागत करने एयरपोर्ट आने से मना कर दिया था। शहबाज ने कहा कि वो पहले ही वापस आना चाहते थे लेकिन अपने भाई और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बीमारी की वजह से नहीं आ सके। लेकिन जब उन्हें पता चला कि पाकिस्तान सरकार अगले दो हफ्ते के लिए अपना एयर स्पेस बंद करने जा रही है तो नवाज शरीफ की सलाह पर वह वापस लौट आए।
पीएमएल (एन) की प्रवक्ता अज्मा बुखारी ने कहा कि शहबाज एक अनुभवी नेता हैं और चाहते हैं कि पाकिस्तान सरकार देश पर आए इस गंभीर खतरे और पाकिस्तानी जनता की सुरक्षा के लिए सभी विपक्षियों का भी साथ ले और कोरोना वायरस को लेकर उठाए जा रहे कदमों के बारे में होने वाली बैठकों में विपक्षी नेताओं को भी शामिल करे। ऐसे समय में सभी एकसाथ मिलकर इसका मुकाबला कर सकते हैं।
शहबाज़ पिछले 19 नवंबर को नवाज़ शरीफ के साथ लंदन गए थे लेकिन नवाज की बीमारी की गंभीरता और इलाज लंबा चलने की वजह से उन्हें अबतक वहां रुकना पड़ा। जेल में बंद नवाज शरीफ की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए लंदन जाने की इजाजत दी गई थी।
लंदन से शहबाज ने पाकिस्तान सरकार से मांग की थी कि कोरोना की वजह से देश की गंभीर हालत को देखते हुए वहां तत्काल चीन की तरह लॉकडाउन किया जाए और सभी ज़रूरी उपाय युद्ध स्तर पर किए जाएं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अवाम की हिफाजत करना सरकार का पहला फर्ज है। और अगर इसे लेकर कोई भी लापरवाही या लॉकडॉउन के फैसले में देरी के लिए पूरी तरह पीएमएल सरकार ज़िम्मेदार होगी।