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Pakistan by election: उप चुनावों को टलवाने की कोशिश, क्या जनादेश से डर रही है शहबाज शरीफ सरकार?

Sat, 08 Oct 2022 06:22 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan by election: पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजा। इसमें उप चुनावों को 90 दिन के लिए टाल देने का अनुरोध किया गया। पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा- एक राजनीतिक दल 12 से 17 अक्तूबर के बीच इस्लामाबाद पर ‘कब्जा’ जमाना चाहता है...
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Pakistan by election- Imran Khan - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान में ऑडियो क्लिप लीक कांड के लगातार जारी रहने से माहौल रहस्यमय बना हुआ है। इस हफ्ते ऐसे कई ऑडियो क्लिप वायरल हुए हैं, जिनसे समझा जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की इमेज खराब हुई है। इन्हीं ऑडियो क्लिप्स के आधार पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खान को फ्रॉड तक कह दिया है। लेकिन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान इससे बेपरवाह हैं और इस्लामाबाद तक ‘हकीकी (असली) आजादी मार्च’ आयोजित करने के अपने इरादे पर कायम हैं।

अब इसी मार्च का हवाला देकर अब शहबाज शरीफ सरकार ने 16 अक्तूबर को होने वाले उप चुनावों को स्थगित करने की मांग निर्वाचन आयोग के सामने रख दी है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजा। इसमें उप चुनावों को 90 दिन के लिए टाल देने का अनुरोध किया गया। पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा- एक राजनीतिक दल 12 से 17 अक्तूबर के बीच इस्लामाबाद पर ‘कब्जा’ जमाना चाहता है। उसके इस ‘घेरे’ की तारीखें उप चुनावों से टकराती हैं। उस दौरान सरकार को इस्लामाबाद की सुरक्षा में अधिकतम बलों को तैनात करना होगा।

मंत्रालय ने इस बात का भी जिक्र किया है कि पाकिस्तान की सेना और अन्य सुरक्षा बलों के बहुत से जवान अभी बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों में लगे हुए है। इसलिए इस मौके पर उप चुनाव कराना उचित नहीं होगा। मंत्रालय ने ध्यान दिलाया है कि भीषण बाढ़ के बने हालात के बीच निर्वाचन आयोग पहले ही स्थानीय निकायों के चुनाव टाल चुका है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक नेशनल असेंबली की नौ और पंजाब की प्रांतीय असेंबली की तीन सीटों के उप चुनाव के लिए 16 अक्तूबर को मतदान होना है। समझा जाता है कि इन उप चुनावों में सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की संभावनाएं बेहतर नहीं हैं। इसके पहले जुलाई में पंजाब प्रांत में 20 सीटों पर हुए उप चुनाव में पीटीआई के हाथों पीडीएम की करारी हार हुई थी। उसके बाद सिंध प्रांत में भी एक महत्त्वपूर्ण उप चुनाव में हुए उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। आलोचकों का कहना है कि फिर ऐसी शर्मिंदगी से बचने के लिए पीडीएम सरकार ने इमरान खान के आंदोलन और बाढ़ की आड़ लेकर चुनाव टलवाने की कोशिश की है।

इस बीच ऑडियो क्लिप लीक मामले में इमरान खान ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी गठबंधन की प्रमुख पार्टी पीएमएल-एन ने ‘फर्जी ऑडियो का एक नया खेल’ शुरू कर दिया है। मियांवली में एक रैली में उन्होंने कहा कि ऐसे खेलों में इस पार्टी को महारत हासिल रही है। उन्होंने कहा- ‘मरियम नवाज (पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भतीजी) ने ये सारे फर्जी ऑडियो तैयार करवाए हैं। आजकल ऐसा करवाना कठिन नहीं है और हम भी ऐसा कर सकते हैं।’

पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस खेल में दोनों पक्षों पर कलंक लगा है। अब तक लगे तमाम आरोपों से इमरान खान के समर्थकों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा था। लेकिन अब जबकि ऑडियो क्लिप्स में उनकी या उनके जैसी आवाज में अनैतिक और गैर-कानूनी काम करने की योजना बनाते लोग सुन रहे हैं, तो उसका क्या असर होगा, यह देखना अहम होगा।

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