इस्लामाबाद वार्ता असफल होने के बाद पाकिस्तान ने शांति प्रयासों पर दोबारा जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जेद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस से मुलाकात कर अमेरिका-ईरान संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान दौरे पर हैं, जहां वे दोनों देशों के बीच रुकी बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संवाद को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह बात सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ जेद्दा में हुई मुलाकात के दौरान कही।
शरीफ ने क्या कहा?
शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि क्राउन प्रिंस से मुलाकात उनके लिए सम्मान और खुशी की बात रही। उन्होंने सऊदी अरब के प्रति पाकिस्तान की एकजुटता जताई और मौजूदा तनावपूर्ण हालात में क्राउन प्रिंस के नेतृत्व में दिखाए गए धैर्य और संयम की सराहना की।
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शरीफ ने अपनी पोस्ट में पाकिस्तान की हालिया कूटनीतिक कोशिशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम कराने में भूमिका निभाई और इस्लामाबाद में ऐतिहासिक शांति वार्ता शुरू कराने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान,अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए समझौते की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा।
वार्ता को पुनर्जीवित करने की कोशिशें तेज
प्रधानमंत्री बुधवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सऊदी अरब पहुंचे थे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और अमेरिका-ईरान वार्ता को पुनर्जीवित करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
मुनीर पहुंचे तेहरान
इसी बीच, पाकिस्तान ने समानांतर रूप से एक और कूटनीतिक कदम उठाया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उनका यह दौरा वाशिंगटन और तेहरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।अराघची ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा संवाद की मेजबानी दोनों देशों के गहरे संबंधों को दर्शाती है और क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।