अमेरिका में पिछले छह जनवरी को कैपिटल हिल (संसद भवन) पर पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के समर्थकों के हमले के बाद बड़ी अमेरिकी कंपनियों की तरफ उस घटना की निंदा की होड़ लग गई थी। तब बहुत सी कंपनियों ने एलान किया था कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के अंदर जिन ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन सदस्यों ने नवंबर 2020 में हुए चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए हैं, उनको वे चंदा नहीं देंगी, लेकिन सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन कंपनियों ने ये वादा नहीं निभाया है।
ऐसी कम से कम तीन दर्जन कॉरपोरेट संचालित पब्लिक एक्शन कमेटियां (पीएसी) हैं, जिन्होंने उस घटना के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन के निर्वाचन को अवैध बताने वाले रिपब्लिकन सांसदों को कम से कम पांच हजार डॉलर का चंदा दिया है। अमेरिका में राजनीतिक चंदे का सिस्टम यह है कि बड़ी कंपनियां पीएसी को पैसा देती हैं। बाद में पीएसी नेताओं या पार्टियों को चंदा देती हैँ। जिन रिपब्लिकन सांसदों ने कांग्रेस में राष्ट्रपति बाइडन के निर्वाचन को प्रमाणित करने के लिए रखे गए प्रस्ताव का विरोध किया था, उनको सबसे ज्यादा चंदा टोयोटा कंपनी ने दिया है।
विश्लेषकों के मुताबिक ताजा आंकड़ों का संकेत यह है कि कंपनियों ने भले तब खुद को नैतिक दिखाने की होड़ में घोषणाएं कीं, लेकिन बाद में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी को चंदा देते रहने में अपनी भलाई समझी। इस वजह से उन ट्रंप समर्थक सांसदों के लिए भी चंदे का स्रोत नहीं सूखा है, जो लगातार झूठी कॉन्सिपिरैसी थ्योरीज (षड्यंत्र के सिद्धांतों) को प्रचारित करते रहे हैँ। पर्यवेक्षकों के मुताबिक ऐसे कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने सीधे पार्टी समर्थक जन समुदाय से छोटी रकम का चंदा लेने की कोशिश भी शुरू की। इसमें भी वे काफी हद तक कामयाब रहे हैँ।
37 सांसदों को टोयोटा कंपनी ने 55 हजार डॉलर चंदा दी
ताजा आंकड़े सरकारी संस्था ‘सिटिजेन्स फॉर रेस्पॉन्सिबिलिटी एंड इथिक्स इन वॉशिंगटन’ ने जारी किए हैं। इससे जाहिर हुआ है कि नवंबर 2020 के निर्वाचन पर सवाल उठाने वाले रिपब्लिकन पार्टी के 37 सांसदों को टोयोटा कंपनी इस साल अब तक 55 हजार डॉलर का चंदा दे चुकी है। टोयोटा मूल रूप से जापान की कंपनी है। उसने इस वर्ष जिन रिपब्लिकन सांसदों को चंदा दिया है, उनमें हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के सदस्य एंडी बिग्स भी हैं, जो कैपिटॉल हिल हमले से पहले ‘चुनाव की चोरी रोको’ अभियान चला रहे थे। एरिजोना राज्य से सांसद बिग्स को पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का कट्टर समर्थक माना जाता है। इस साल ऐसा चंदा देने वाली कंपनियों में टोयोटा के बाद सैन डिएगो स्थित डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट फर्म क्यूबिक कॉर्प का नंबर है।
कंपनियों के प्रवक्ता कुछ भी नहीं दे रहे जवाब
टोयोटा कंपनी के एक प्रवक्ता ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- ‘हम सिर्फ इस आधार पर किसी सांसद के बारे में फैसला करने में यकीन नहीं करते कि उसने चुनाव प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) के प्रस्ताव पर किस तरफ मतदान किया था। हमने पूरी समीक्षा की। हमने उन सदस्यों को चंदा ना देने का फैसला किया कि जो हमारे चुनावों और संस्थानों की वैधता की अनदेखी करते हैँ।’ लेकिन वेबसाइट एक्सियोस ने कहा है कि जब उसने खास नाम बता कर दोबारा टोयोटा कंपनी से संपर्क किया, तो उसके प्रवक्ता ने कोई जवाब नहीं दिया।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 34 कंपनियों ने नवंबर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को अवैध मानने वाले कम से कम एक या उससे अधिक सांसद को कम से कम पांच हजार डॉलर का चंदा इस साल दिया है। चंदा देने वाली कंपनियों में कोच इंडस्ट्रीज, टेलीकॉम कंपनी एटीएंडटी, स्वास्थ्य बीमा कंपनी सिग्ना और तंबाकू कंपनी रेनॉल्ड्स अमेरिकन शामिल हैँ।