उत्तरी माली के टिंबकटू क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां नाइजर नदी में एक फेरी नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दर्जनों लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी सदमे में हैं। यह दुर्घटना गुरुवार को डिरे शहर के पास हुई, जब फेरी नाव नदी किनारे उतरने की कोशिश कर रही थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नाव चट्टानों से टकरा गई और देखते ही देखते नदी में डूब गई।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक मौतों की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन क्षेत्र के निवासी और पूर्व सांसद अलकैदी तूरे ने बताया कि इस हादसे में 38 लोगों की जान गई, जबकि 23 लोग किसी तरह बच पाए।
नाव में सवार अधिकतर लोग किसान परिवार से थे
स्थानीय निवासी मूसा अग अलमौबारेक ट्राओरे ने बताया कि इस दुर्घटना में उन्होंने अपने 21 परिजनों को खो दिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर नदी से शव निकालने में मदद की। उन्होंने कहा नदी में शव बिखरे पड़े थे, कुछ तो सड़ने भी लगे थे। उनकी गंध अब तक महसूस हो रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में सवार अधिकतर लोग किसान परिवार से थे, जो धान की फसल काटकर लौट रहे थे। सुरक्षा कारणों से रात के समय नावों के किनारे लगने पर प्रतिबंध है, क्योंकि इस क्षेत्र में अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।
टिंबकटू क्षेत्र शोक में
बताया जा रहा है कि नाव चालक सुबह तक इंतजार नहीं करना चाहता था और उसने दूसरी जगह उतरने की कोशिश की, जहां नाव चट्टानों से टकराकर पलट गई। माली पिछले कई दशकों से आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है। टिंबकटू क्षेत्र में अल-कायदा समर्थित संगठन JNIM की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं, जिसके चलते सुरक्षा नियम बेहद सख्त हैं। नाइजर नदी में फेरी हादसे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस दुर्घटना में मानवीय नुकसान असामान्य रूप से ज्यादा बताया जा रहा है। अलकैदी तूरे के अनुसार पूरा टिंबकटू क्षेत्र शोक में है। इस हादसे ने समाज को गहरे रूप से प्रभावित किया है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे डूब गए।
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