बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के बाद ढाका और बीजिंग के रिश्ते अब तक के "सबसे ऊंचे स्तर" पर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री के बीजिंग से लौटने के एक दिन बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से यह चीन के साथ हमारी साझेदारी का सबसे बड़ा पड़ाव है।" उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को ऐतिहासिक रूप से नई ऊंचाई दी है, जो चीन की क्षेत्रीय कूटनीति में बांग्लादेश के बढ़ते रणनीतिक महत्व को भी दर्शाती है।'
पहली विदेश यात्रा में मलेशिया के बाद पहुंचे चीन
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत 21 जून को मलेशिया का दौरा किया। इसके बाद वह 22 जून को चीन पहुंचे, जहां उन्होंने पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा की।
विदेश मंत्री स्तर पर रणनीतिक संवाद और '2+2' व्यवस्था पर सहमति
विदेश मंत्री, जो पूर्व में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं, ने बताया कि दोनों देशों ने विदेश मंत्रियों के स्तर पर नियमित रणनीतिक संवाद शुरू करने और कूटनीति व रक्षा सहयोग को शामिल करते हुए '2+2' संवाद तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनाई है।
बेल्ट एंड रोड पहल के तहत सहयोग और मजबूत होगा
रहमान ने बताया कि दोनों पक्षों ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके तहत बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ-साथ आम लोगों के जीवन से जुड़े विकास कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
तीस्ता परियोजना पर तेजी से आगे बढ़ेगा काम
विदेश मंत्री के अनुसार, तीस्ता नदी समग्र प्रबंधन एवं पुनर्स्थापन परियोजना (TRCMRP) पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। चीन ने इस परियोजना को समर्थन देने का भरोसा दिया है और दोनों देशों ने इसकी व्यवहार्यता अध्ययन (फीजिबिलिटी स्टडी) को जल्द पूरा करने पर सहमति जताई है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पड़ सकता है असर
तीस्ता नदी प्रबंधन में चीन की भागीदारी भारत और बांग्लादेश के संबंधों को रणनीतिक रूप से प्रभावित कर सकती है। यह नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहां लाखों लोगों की सिंचाई और आजीविका इसी पर निर्भर है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर के कारण भी अहम है तीस्ता क्षेत्र
तीस्ता नदी का बेसिन भारत के संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट स्थित है। लगभग 22 किलोमीटर चौड़ी यह संकरी पट्टी भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ती है, इसलिए इसका रणनीतिक महत्व बेहद अधिक माना जाता है। रहमान ने बताया कि दोनों देशों ने मोंगला बंदरगाह आधुनिकीकरण एवं विस्तार परियोजना तथा चट्टोग्राम चीनी आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास परियोजना के कार्यान्वयन में भी तेजी लाने पर सहमति बनाई है।
शी जिनपिंग और ली कियांग से हुई अहम मुलाकात
चीन प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच विकास सहयोग, मानव संसाधन विकास, कृषि, शिक्षा, व्यापार, निवेश और मीडिया सहयोग समेत विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौता ज्ञापन (MoU), तीन समझौते, एक प्रोटोकॉल और एक संयुक्त कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए।
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संप्रभुता के मुद्दे पर चीन का समर्थन
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि बीजिंग, बांग्लादेश की संप्रभुता की रक्षा और किसी भी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप को अस्वीकार करने के उसके प्रयासों का समर्थन करता है।