फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: अमेरिकी कोर्ट ने पन्नू केस के आरोपी निखिल गुप्ता की सजा की तारीख बदली, अब कब होगा फैसला?

Wed, 12 Aug 2026 08:45 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, वाशिंगटन

सार

अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने पन्नू हत्या साजिश मामले में दोषी निखिल गुप्ता की सजा की सुनवाई टाल दी है । गुप्ता ने हत्या की सुपारी, साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप स्वीकार किए हैं। इन मामलों में उन्हें अधिकतम 30 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
विज्ञापन
पन्नू केस में सजा की तारीख बदली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का जुर्म कबूल करने वाले निखिल गुप्ता की सजा सुनाने की तारीख 20 नवंबर तक टाल दी है। न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट की फेडरल कोर्ट ने पहले गुप्ता को सजा सुनाने के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की थी, लेकिन जिसकी हत्या की साजिश रची गई थी उस व्यक्ति के अनुरोध पर सुनवाई को टाल दिया गया।

विज्ञापन


हालांकि कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में पीड़ित का नाम नहीं है, लेकिन पन्नू के वकील ने सार्वजनिक रूप से खुद को कथित हत्या की साजिश का निशाना बताया है।

सरकारी वकील ने क्या बताया? 
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के समक्ष दायर एक पत्र में, सरकारी वकीलों ने बताया कि जिस पीड़ित का नाम नहीं बताया गया है। वह सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है। उन्होंने 25 सितंबर को होने वाली सुनवाई को टालने का अनुरोध किया क्योंकि उस समय वह देश से बाहर होगा। जज विक्टर मरेरो ने यह अनुरोध मान लिया और गुप्ता को सजा सुनाने की तारीख बदलकर 20 नवंबर को सुबह 10 बजे कर दी।

13 फरवरी को गुप्ता ने पन्नू की हत्या की साजिश के संबंध में हत्या के लिए सुपारी देने, हत्या के लिए सुपारी देने की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने के तीनों आरोपों में दोषी होने की बात स्वीकार कर ली।

विज्ञापन


कितने साल की सजा हो सकती है? 
सुपारी लेकर हत्या करने के आरोप में अधिकतम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है। वहींं,  मनी लॉन्ड्रिंग करने की साजिश रचने पर अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है। गुप्ता को 30 जून, 2023 को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था और एक साल बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें